स्टेट ऑफ होर्मुज में ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ गया है
Iran Attack US Ship In Hormuz: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद एक बार फिर कमजोर पड़ती दिख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से लगा था कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz)में हुई ताजा सैन्य कार्रवाई ने चिंता बढ़ा दी है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में छह जहाजों को इंटरसेप्ट किया, जिनमें तीन अमेरिकी जहाज भी शामिल हैं.
ईरान की ओर से यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिकी नौसेना ने इससे पहले ईरानी टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया था. इसके बाद तेहरान ने पलटवार करते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है. ईरानी पक्ष का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जहाजों को दी गई सीधी चेतावनी
होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने समुद्र से गुजरने वाले जहाजों को भी सावधान किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी बलों ने दूसरे देशों के जहाजों से अमेरिका के दबाव या निर्देशों के आधार पर कोई कदम नहीं उठाने को कहा है. साथ ही संकेत दिया गया है कि अमेरिकी पक्ष के साथ सहयोग करने वाले जहाजों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
BREAKING: Iran has DIRECTLY STRUCK SIX SHIPS with ANTI-SHIP MISSILES in the Strait of Hormuz and surrounding waters — its LARGEST-EVER ATTACK in the strategic waterway, according to the IRGC.
The attack came in response to this morning’s U.S. strike on THREE Iranian oil tankers…
— The Hormuz Report (@HormuzReport) September 5, 2026
IRGC ने अपनी समुद्री गश्त और निगरानी का वीडियो भी जारी किया है. इसमें जहाजों को रोकने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की कार्रवाई दिखाई गई है. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले दावे हकीकत से अलग हैं.
तेल और गैस सप्लाई पर बढ़ी चिंता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल है. यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दूसरे देशों तक पहुंचती है. ऐसे में अगर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा. एशिया और यूरोप के बाजारों में तेल-गैस की कीमतों और सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है.
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ईरान ने अमेरिकी हमलों को ‘युद्ध अपराध’ बताते हुए आरोप लगाया है कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. फिलहाल होर्मुज में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है.
-भारत एक्सप्रेस
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