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Strait of Hormuz News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस बेहद अहम समुद्री रास्ते पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है. वहीं, ईरान ने ट्रंप के दावे को सीधे खारिज करते हुए कहा है कि होर्मुज अभी भी बंद है और इसे खोलने का फैसला उसकी अपनी शर्तों पर ही होगा.
ईरान के पर्शियन स्ट्रेट गल्फ अथॉरिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से होर्मुज के खुलने को लेकर किए जा रहे दावे वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकते. ईरान के मुताबिक, जब तक उसकी मांगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक होर्मुज को दोबारा खोलने का सवाल ही नहीं है. इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अमेरिका के पास होर्मुज पर पूरा नियंत्रण है और संभव है कि अमेरिका इसे अपने नियंत्रण में ही रखे.
90 फीसदी तक घट गई जहाजों की आवाजाही
होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से बड़ी संख्या में तेल टैंकर और दूसरे मालवाहक जहाज गुजरते हैं. लेकिन मौजूदा तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है. केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को पांच दिन के औसत में रोजाना करीब 13 जहाज ही इस रास्ते से गुजरे. युद्ध शुरू होने से पहले 28 फरवरी को यहां प्रतिदिन औसतन करीब 130 जहाज गुजरते थे. यानी जहाजों की आवाजाही लगभग 90 फीसदी तक कम हो गई है.
ईरान ने रखी हैं कई शर्तें
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने होर्मुज खोलने के लिए कई शर्तें सामने रखी हैं. इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, प्रतिबंधों में राहत देना, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है. ईरान ने उन खबरों को भी खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि ओमान के साथ बातचीत के जरिए जलडमरूमध्य जल्द खोला जा सकता है.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज खोलने का फैसला ईरान की व्यवस्था और उसकी तय शर्तों के आधार पर होगा. इसका ओमान के साथ बातचीत से सीधा संबंध नहीं है.
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जून का समझौता भी नहीं चला
अमेरिका और ईरान के बीच जून में अंतरिम समझौता हुआ था, जिसमें सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी. हालांकि, यह समझौता ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया. ट्रंप ने 7 जुलाई को इसे खत्म बताया, जबकि ईरान ने कुछ दिन बाद इसे निलंबित करार दिया. दोनों देश एक-दूसरे पर समझौते की शर्तें तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि ईरान ने होर्मुज खोलने की प्रतिबद्धता पूरी नहीं की, जबकि तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने नाकाबंदी हटाने और जब्त संपत्तियां जारी करने जैसे अपने वादे पूरे नहीं किए.
-भारत एक्सप्रेस
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