Bharat Express DD Free Dish

इजरायल हमले में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत, सुप्रीम लीडर के बाद बड़ा झटका

US Israel Iran conflict: ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की इजरायल हमले में मौत हो गई है. एक न्यूज एजेंसी की माने को 67 वर्षीय लारीजानी तेहरान के बाहरी इलाके में अपनी बेटी से मिलने गए थे, तभी उनकी हत्या कर दी गई.

US Israel Iran conflict: तेहरान से आई बड़ी खबर ने पूरे मध्य-पूर्व को हिला दिया है. ईरान के सुरक्षा प्रमुख और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्व सलाहकार अली लारीजानी की इजरायल हमले में मौत हो गई है. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को उनकी मौत का ऐलान किया था, जबकि ईरान ने इसकी पुष्टि देर रात की. फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, 67 वर्षीय लारीजानी की हत्या उस समय हुई जब वे तेहरान के बाहरी इलाके में अपनी बेटी से मिलने गए थे.

ईरान के लिए बड़ा झटका

लारीजानी की मौत को ईरान के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है. युद्ध की शुरुआत से अब तक मारे गए अधिकारियों में उन्हें सुप्रीम लीडर के बाद सबसे अहम शख्सियत बताया जा रहा है. माना जाता है कि वे IRGC और सेना के जवाबी हमलों की रणनीति संभाल रहे थे. पिछले महीने अमेरिकी-इजरायली हमलों में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा को नया नेता चुना गया था.

लारीजानी का परिवार

अली अर्देशिर लारीजानी का जन्म 3 जून 1958 को इराक के नजफ में हुआ था. उनका परिवार मूल रूप से ईरान के आमोल स्थित लारीजान क्षेत्र का रहने वाला था. 1961 में वे ईरान लौट आए. उन्होंने 20 साल की उम्र में फरीदा मोताहारी से शादी की थी. उनके चार बच्चे मोर्तेजा, फातिमा, मोहम्मद रजा और सारा हैं. फातिमा ने अमेरिका के क्लीवलैंड मेडिकल सेंटर में पढ़ाई की थी.

राजनीतिक सफर

लारीजानी का राजनीतिक करियर लंबा और प्रभावशाली रहा. अगस्त 2025 में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने उन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया था. इससे पहले वे खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार रह चुके थे और 2005 से 2007 तक सुरक्षा परिषद के सचिव भी रहे. 2008 से 2020 तक लगातार तीन कार्यकालों के लिए वे ईरानी संसद के अध्यक्ष रहे.

ये भी पढ़ें-‘दोस्त दोस्त ना रहा…’, अब फ्रांस ने भी छोड़ा साथ, ईरान जंग में अकेले पड़ गए डोनाल्ड ट्रंप

लारीजानी की शैक्षणिक योग्यता

लारीजानी ने कोम और हक्कानी स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से गणित में ग्रेजुएशन किया और बाद में तेहरान विश्वविद्यालय से वेस्टर्न फिलॉसफी में MA और PhD पूरी की. उनकी रिसर्च जर्मन दार्शनिक इमैनुएल कांट पर केंद्रित रही. वे एक लेखक भी थे और कई किताबों के साथ लगभग 15 अकादमिक रिसर्च पेपर प्रकाशित कर चुके थे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read