US Iran War: ईरान के खिलाफ जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका लगा है. ईरान के साथ जंग में जाने की उनकी ट्रंप की नीति के खिलाफ अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया. उधर ट्रंप के अपील के बावजूद नाटो देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कार्रवाई करने से मना कर दिया है.
नाटो के सहयोग से मना करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति गुस्से में दिखे. उन्होंने NATO सहयोगियों को बुरा भला कहते हुए कहा कि NATO के अधिकतर देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में शामिल नहीं होना चाहते हैं.
NATO को बताया ‘वन वे स्ट्रीट’
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने इसे वन वे स्ट्रीट बताया. उन्होंने कहा कि NATO देशों के रवैये पर उन्हें कोई हैरानी नहीं है. ये सालों तक सुरक्षा के नाम पर अमेरिका से अरबों डॉलर लेते रहे, लेकिन जरूरत के समय सहयोग देने से मना कर दिया. यह वन वे स्ट्रीट है.
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका को अब इनके सहयोग की जरूरत नहीं है. अमेरिकी सेना ने ईरान के ताकत को नेस्तनाबूत कर दिया है. वह बिना किसी के समर्थन के बिना भी इस स्थिति को संभाल सकता है. ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों से भी मदद की ना तो उम्मीद है और ना ही जरूरत है.
फ्रांस ने दिया झटका
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान से पहले फ्रांस ने भी अमेरिका को बड़ा झटका दिया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस मौजूदा हालात में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर किसी भी सैन्य ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लेगा. फ्रांस इस संघर्ष में किसी भी तरफ से पक्षकार नहीं है. वह इस सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा.
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उन्होंने कहा कि फ्रांस इस युद्ध के खत्म होने के बाद समुद्री मार्ग को दोबारा सुरक्षित और खुला बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने पर काम कर रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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