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ईरान की बड़ी चाल! अमेरिका को दिखाया ठेंगा, क्या पाकिस्तान के जरिए सुलझेगा वेस्ट एशिया का संकट?

Iran US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. इस्लामाबाद में संभावित वार्ता ‘इंडायरेक्ट’ तरीके से हो सकती है.

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Iran US Talks: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब सबकी नजरें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हैं. यहां ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर बातचीत की कोशिश शुरू हुई है, लेकिन हालात अभी भी पेचीदा बने हुए हैं.

सीधी बातचीत से इंकार, पाकिस्तान के जरिए संवाद

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं करेगा. उसकी शर्त है कि सारी चर्चा पाकिस्तान के माध्यम से ही हो. यानी इस बार बातचीत ‘इंडायरेक्ट’ तरीके से होगी. इससे इस्लामाबाद की बैठकों को लेकर उत्सुकता के साथ अनिश्चितता भी बढ़ गई है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य अधिकारियों से बातचीत की. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की. इन बैठकों में संभावित शांति वार्ता और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई.

अमेरिका की सख्त शर्तें बरकरार

दूसरी ओर, अमेरिकी पक्ष भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसकी शर्तें पहले जैसी ही सख्त हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है कि ईरान को अपने यूरेनियम कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिविधियों को लेकर अमेरिकी मांगें माननी होंगी. वहीं व्हाइट हाउस की ओर से यह संकेत दिया गया है कि बातचीत की पहल ईरान की तरफ से आई है.

सीधी मुलाकात की संभावना कम

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच आमने-सामने बातचीत की संभावना बहुत कम है. इससे यह साफ है कि भरोसे की कमी अब भी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है.

स्थिति को देखते हुए आने वाले 24 घंटे काफी निर्णायक माने जा रहे हैं. अगर बातचीत में प्रगति नहीं होती है, तो तनाव और बढ़ सकता है. अमेरिका पहले ही सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है, जबकि ईरान भी जवाबी कदम के लिए तैयार दिख रहा है.


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क्या निकलेगा कोई रास्ता?

इस्लामाबाद में चल रही कूटनीतिक कोशिशों से उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन सख्त शर्तें और आपसी अविश्वास समझौते की राह मुश्किल बना रहे हैं. अब देखना होगा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता शांति ला पाती है या हालात और बिगड़ते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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