ईराक ने अमेरिका से की अपील.
Israel Iran Tension: इराक (Iraq) ने अमेरिका से इजरायली विमानों को इराकी हवाई क्षेत्र में घुसकर हमले करने से रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया है. बयान में कहा गया कि इराकी सरकार ने इराकी हवाई क्षेत्र के किसी भी उल्लंघन या ईरान या किसी अन्य पड़ोसी देश के खिलाफ इजरायल द्वारा सैन्य हमलों के लिए इसके उपयोग की अपनी दृढ़ और स्पष्ट अस्वीकृति दोहराई.
अमेरिका अपना दायित्व निभाए-ईराक
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इराकी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ के प्रवक्ता सबा अल-नुमान ने शनिवार को कहा कि इराकी सरकार ने अमेरिका से इस तरह के उल्लंघन को रोकने के लिए द्विपक्षीय समझौतों और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने का आह्वान किया है.
बयान में कहा गया कि इराकी सरकार ने इराकी हवाई क्षेत्र के किसी भी उल्लंघन या ईरान या किसी अन्य पड़ोसी देश के खिलाफ इजरायल द्वारा सैन्य हमलों के लिए इसके उपयोग की अपनी दृढ़ और स्पष्ट अस्वीकृति दोहराई. इराक ने संकट को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक समाधानों की उम्मीद में अधिकतम संयम दिखाया है
प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत इराक (Iraq) को किसी भी पक्ष द्वारा अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन का जवाब देने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करने का अधिकार है. शुक्रवार को इराक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक आधिकारिक शिकायत प्रस्तुत की, जिसमें सैन्य अभियान चलाने के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने के लिए इजरायल की निंदा की गई.
अपना हवाई क्षेत्र बंद करे अमेरिका- Iraq
इराकी समाचार एजेंसी ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से बताया कि, “इराक (Iraq) ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह रणनीतिक रूपरेखा समझौते के अनुसार इजरायली विमानों को इराकी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने से रोकने में अपनी भूमिका निभाए.”
सूत्र ने इराक (Iraq) की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की अखंडता के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि आईएसआईएस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का नेतृत्व करने वाले देश के रूप में अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वह इराकी संप्रभुता से समझौता करने या उसकी सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी उल्लंघन को रोके.
इजरायल ने शुक्रवार को तड़के ईरानी क्षेत्र पर कई हमले किए, जिसमें परमाणु और मिसाइल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए. ईरान के संयुक्त राष्ट्र दूत द्वारा पहले घोषित आंकड़ों के अनुसार हमलों की लहर जारी है और इसके परिणामस्वरूप कम से कम 78 लोगों की मौत हो गई तथा 320 अन्य घायल हो गए.
-भारत एक्सप्रेस
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