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कांगो में आतंकियों का खूनी खेल! इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों ने की 20 लोगों की बेरहमी से हत्या, घरों में लगाई आग

ADF Attack In Congo: कांगो ने एडीएफ के विद्रोहियों ने 20 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी. विद्रोहियों ने उत्तरी किवु प्रांत के लुबेरो क्षेत्र के ब्याम्बे गांव पर हमला बोल दिया और इलाके में जमकर लूटपाट करते हुए लगभग 20 घरों में आग लगा दी.

ADF Attack In Congo

ADF Attack In Congo: अफ्रीका महाद्वीप में स्थित देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इस समय सरकार के खिलाफ विद्रोहियों ने मोर्चा खोल रखा है. कुछ दिन पहले कांगो के पूर्वी हिस्से में एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एडीएफ) के विद्रोहियों ने 20 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि विद्रोहियों ने शुक्रवार से शनिवार की रात तक खूब आतंक मचाया.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक विद्रोहियों ने उत्तरी किवु प्रांत के लुबेरो क्षेत्र के ब्याम्बे गांव पर हमला बोल दिया और इलाके में जमकर लूटपाट करते हुए लगभग 20 घरों में आग लगा दी. इसके बाद वे पास के माबियांगो इलाके की ओर चले गए. यहां भी उन्होंने जमकर लूटपाट और हिंसा की.

सिन्हुआ की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि हमलावरों ने ब्याम्बे गांव के एक स्वास्थ्य केंद्र को भी निशाना बनाया. इस हमले के बाद कई लोग अभी भी लापता हैं.

कौन है एडीएफ?

एडीएफ इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ा हुआ युगांडा मूल का एक सशस्त्र संगठन है. इसने हाल ही में उत्तरी किवु और इतुरी प्रांतों के गांवों में हमले कर जमकर कोहराम मचाया था. इस संगठन में आम लोग भी शामिल हैं. कांगों में संयुक्त राष्ट्र स्थिरीकरण मिशन के अनुसार, 9 से 16 अगस्त के बीच उत्तरी किवु में हुए हमलों में 52 लोगों की जान चली गई थी. जुलाई के अंत में, इतुरी में एक कैथोलिक चर्च पर हुए हमले में लगभग 40 नागरिक मारे गए थे.

जिसके बाद कांगो सरकार ने एडीएफ को कुचलने के लिए उत्तरी किवु और पड़ोसी इतुरी में घेराबंदी की थी, ताकि इन दोनों प्रांतों में सक्रीय एडीएफ विद्रोहियों को खत्म किया जा सके. जिसके बाद इन प्रांतों में सरकार का फिर से कब्जा हो गया था.

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बता दें कि, एडीएफ पर युगांडा में भी हिंसा और आगजनी करने का आरोप है. नवंबर 2021 से इस सशस्त्र विद्रोहियों के खिलाफ कांगो और युगांडा संयुक्त रूप से सैन्य अभियान चला रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में विद्रोहियों के हमले तेज हो गए हैं.

युगांडा के राष्ट्रपति के विरोध में बना था यह संगठन

एडीएफ ऐतिहासिक रूप से युगांडा का विद्रोही गठबंधन था. इसका सबसे बड़ा संगठन युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के विरोधी मुसलमानों का था. लेकिन इसने 1995 में पूर्वी कांगो में अपनी स्थिति मजबूत कर ली और इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा घातक हमले करने लगे. यह अपने आपको इस्लामिक स्टेट की क्षेत्रीय शाखा के तौर पर प्रस्तुत करता है.

मार्च 2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने एडीएफ को आईएस जिहादियों से संबंध रखने वाले आतंकवादी समूह के रूप में अपनी सूची में शामिल किया था.

-भारत एक्सप्रेस



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