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बेरूत पर इजरायली हमले में मारा गया हिजबुल्लाह कमांडर, इजरायल का दावा

Israel Hezbollah War: इजरायल ने दावा किया है कि उसने बेरूत पर किए एक सटीक हमले में हिजबुल्लाह के एक शीर्ष कमांडर मुहम्मद हुसैन सरूर को मार गिराया है. सरूर, हिजबुल्लाह की वायु सेना कमान का प्रमुख था.

Israel Hezbollah War

इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध.

Dipesh Thakur Edited by Dipesh Thakur

Israel Hezbollah War: इजरायल ने दावा किया है कि उसने बेरूत पर किए एक सटीक हमले में हिजबुल्लाह के एक शीर्ष कमांडर मुहम्मद हुसैन सरूर को मार गिराया है. सरूर, हिजबुल्लाह की वायु सेना कमान का प्रमुख था. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार को बेरूत के दहिह में हुए हमले में दो लोग मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए. हिजबुल्लाह की ओर से अभी तक अपने कमांडर की मौत पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

कमांडर मुहम्मद हुसैन सरूर मारा गया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आईडीएफ ने एक पोस्ट में लिखा, ” बेरूत में आईएएफ के एक सटीक हमले में हिजबुल्लाह के एरियल कमांड का कमांडर मुहम्मद हुसैन सरूर ‘मारा गया’. सरूर ने इजरायली नागरिकों को निशाना बनाकर कई हवाई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था और उन्हें लीड भी किया था.”

पोस्ट में आगे लिखा गया, “आयरन स्वॉर्ड्स” युद्ध के दौरान, उसने यूएवी और विस्फोटक उपकरणों का उपयोग करके इजरायली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ कई आतंकवादी हमले किए थे. हाल के वर्षों में, सरूर ने दक्षिणी लेबनान में यूएवी के निर्माण परियोजना का नेतृत्व किया और लेबनान में यूएवी निर्माण और खुफिया जानकारी एकत्र करने वाले स्थलों की स्थापना की, जो बेरूत और दक्षिणी लेबनान में नागरिक बस्ती के निकट स्थित हैं.”

आईडीएफ ने पोस्ट में आगे लिखा, “वह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल इकाई में कमांडर था. उसने राडवान फोर्स की “अजीज” इकाई को भी लीड किया था. यमन और हूती आतंकवादी शासन की एरियल कमांड में हिजबुल्लाह की ओर से बातचीत का जिम्मा भी उस पर था.”

अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को सीरिया-लेबनानी सीमा स्थित एक इमारत पर इजरायल द्वारा किए गए हमले में कम से कम 23 लोग मारे गए, जिनमें 19 सीरियाई शरणार्थी शामिल हैं. इस हमले में चार अन्य लोग घायल हो गए.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सोमवार से लेबनान पर इजरायली हमले में लगभग 700 लोग मारे गए हैं. पिछले सप्ताह पूरे देश में पेजर और वॉकी-टॉकी विस्फोट के बाद इस सप्ताह हमले किए गए हैं.

नेतन्याहू ने युद्ध विराम की संभावना को किया खारिज

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने युद्ध विराम की संभावना को खारिज कर दिया, जिससे लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई खत्म हो सकती है, क्योंकि यूएस और फ्रांस ने कहा है कि उन्होंने 21 दिनों के लिए लड़ाई रोकने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने यह भी कहा कि गाजा में लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक युद्ध का ‘लक्ष्य’ हासिल नहीं हो जाते. प्रस्ताव के बावजूद, संकेत मिल रहे हैं कि इजरायल लेबनान पर संभावित जमीनी आक्रमण की तैयारी कर रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि 21 दिन के संघर्ष विराम प्रस्ताव को वैश्विक समर्थन मिल रहा है, जिसका उन्होंने और अन्य नेताओं ने आह्वान किया है.

गुरुवार को व्हाइट हाउस लौटने पर बाइडेन ने संवाददाताओं से कहा था, “हम यूरोप के साथ-साथ अरब देशों से भी महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त करने में सक्षम थे. यह महत्वपूर्ण है कि यह युद्ध व्यापक न हो.”

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति संयुक्त राष्ट्र महासभा से लौट रहे थे, जहां उन्होंने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और प्रस्ताव की घोषणा करने वाले संयुक्त बयान के विवरण पर चर्चा की.

इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने जारी सैन्य प्रयासों का समर्थन करने के लिए वाशिंगटन से 8.7 बिलियन डॉलर का अमेरिकी सहायता पैकेज हासिल किया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस पैकेज में आवश्यक युद्धकालीन खरीद के लिए 3.5 बिलियन डॉलर शामिल हैं, जो पहले ही हस्तांतरित किए जा चुके हैं और वायु रक्षा प्रणालियों के लिए 5.2 बिलियन डॉलर निर्धारित किए गए हैं. इजरायल ने कहा है कि वह हिजबुल्लाह पर हमला इसलिए कर रहा है ताकि वहां के निवासी उत्तर की ओर लौट सकें.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है, ऐसे में ईरान “लेबनान में पूर्ण पैमाने पर युद्ध की स्थिति में अलग थलग नहीं रहेगा.”

उन्होंने इस बात की भी चेतावनी दी कि इजरायल के ‘अपराधों के लिए बख्शा नहीं जाएगा’. उन्होंने आगे कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इजरायल के युद्ध को रोकने और तत्काल युद्ध विराम लागू करने के लिए कार्रवाई नहीं करती है तो ‘मध्य पूर्व क्षेत्र में संघर्ष का खतरा’ बढ़ जाएगा.



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