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भारत की पहली क्वांटम कंप्यूटिंग फैसिलिटी मुंबई में होगी! लंदन में 13 वैश्विक कंपनियों से वार्ता, आएगा ₹20,000 करोड़ का निवेश और 8,000 नौकरियां

MAHARASHTRA’S QUANTUM AMBITIONS IN LONDON: महाराष्ट्र को देश की क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने लंदन का सफल दौरा किया. आगामी वर्षों में लगभग ₹20,000 करोड़ की आर्थिक गतिविधि और 8,000 कुशल नौकरियों के सृजन की संभावना है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

भारत के आर्थिक इंजन महाराष्ट्र ने अब अत्याधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक पटल पर एक बड़ी छलांग लगाई है. महाराष्ट्र सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 7 और 8 अक्टूबर को लंदन में आयोजित टेक्नोलॉजी व इन्वेस्टमेंट मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस मिशन का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक विश्वस्तरीय ‘क्वांटम सिटी’ (Quantum City) और ‘यूके-महाराष्ट्र क्वांटम कॉरिडोर’ (UK–Maharashtra Quantum Corridor) की स्थापना करना है, ताकि अनुसंधान, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय पूंजी को एक मंच पर लाकर महाराष्ट्र को भारत की आधिकारिक क्वांटम और एआई राजधानी बनाया जा सके.

ग्लोबल इंडिया बिजनेस कॉरिडोर (GIBC UK) द्वारा आठ महीने की सघन तैयारियों के बाद आयोजित इस मिशन के तहत प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के ऐतिहासिक मेंशन हाउस में ‘द सिटी क्वांटम एंड एआई समिट’ में प्रमुखता से हिस्सा लिया. सम्मेलन में उद्घाटन और समापन सत्रों में विशेष वक्तव्य दिए गए और सर पीटर नाइट (FRS) की उपस्थिति में महाराष्ट्र-केंद्रित विशेष क्वांटम पैनल चर्चा आयोजित की गई.

13 वैश्विक सीईओ के साथ द्विपक्षीय वार्ता

लंदन प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रौद्योगिकी, संस्थागत वित्त और सार्वजनिक संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों व वैश्विक सीईओ के साथ 13 महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं.

इन बैठकों में IonQ, ऑक्सफोर्ड क्वांटम सर्किट्स (OQC), मल्टीवर्स कंप्यूटिंग, थेल्स (Thales), कॉग्निशन, डेल्टा.जी, IoT ट्राइब, क्यूबेस/ईडनबेस, रेजोनेंस होल्डिंग्स और क्यूरेका (QURECA) जैसी दुनिया की अग्रणी क्वांटम व डीप-टेक कंपनियां शामिल रहीं.

विचार-विमर्श के मुख्य प्रस्तावों में मुंबई में अत्याधुनिक क्वांटम कंप्यूटिंग फैसिलिटी की स्थापना, एक उन्नत एआई इंजीनियरिंग व रिसर्च बेस, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए साइबर सुरक्षा समाधान, ऊर्जा-कुशल डेटा केंद्र और युवाओं के लिए विशेष तकनीकी कार्यबल प्रशिक्षण शामिल हैं.

इसके अलावा भूमिगत निर्माण सुरक्षा के लिए क्वांटम सेंसिंग, निवेशकों की स्वीकृतियों को गति देने के लिए एआई टूल्स और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के लिए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बनाने पर भी गहन विमर्श हुआ.

लंदन-मुंबई इन्वेस्टमेंट चैनल पर सहमति

एल्डरमैन व शेरिफ टिम लेवेन तथा ‘सिटी ऑफ लंदन कॉर्पोरेशन’ के प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में एक समर्पित ‘लंदन-मुंबई इन्वेस्टमेंट चैनल’ स्थापित करने पर चर्चा हुई. इसका उद्देश्य महाराष्ट्र की बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को लंदन के संस्थागत वित्त और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से सीधे जोड़ना है.

इस मिशन में महाराष्ट्र के उद्योग, निवेश एवं सेवा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अनबलगन (IAS) तथा मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार कौस्तुभ धवसे ने प्रमुख भूमिका निभाई, जबकि ‘भारत एक्सप्रेस’ के लंदन ब्यूरो चीफ कल्पेश शाह ने भी इस ऐतिहासिक तकनीकी साझेदारी की प्रगति को नजदीक से कवर किया.

₹20,000 करोड़ की आर्थिक गतिविधि और 8,000 नौकरियां

जीआईबीसी (GIBC) के परिदृश्य मॉडल के अनुसार, यदि प्रस्तावित परियोजनाएं स्वीकृत होकर पूरी तरह धरातल पर उतरती हैं, तो आगामी 10 वर्षों में राज्य में लगभग ₹20,000 करोड़ की संचयी आर्थिक गतिविधि पैदा हो सकती है. इसके साथ ही परिपक्वता स्तर पर करीब 8,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है.

सफल क्रियान्वयन से न केवल स्थानीय इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों को वैश्विक मंच मिलेगा, बल्कि राज्य के डेटा सेंटरों की ऊर्जा खपत घटेगी, परिवहन अवसंरचना की गुणवत्ता सुधरेगी और महाराष्ट्र भारत के सबसे पसंदीदा टेक-डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा.

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