UN में ट्रंप की धमकी पर गरजे ईरानी राष्ट्रपति
Masoud Pezeshkian: अमेरिका की धमकियां, प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद ईरान ने झुकने से मना कर दिया है. इरान ने कहा है कि ट्रंप की इन चालों से वो कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दुनिया के सबसे बड़े मंच से अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चुनौती देते हुए साफ कह दिया कि तेहरान किसी भी कीमत पर घुटने नहीं टेकेगा.
पेजेश्कियन ने ट्रंप की हाल में की गई टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र की भावनाओं के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें (ट्रंप) समझ लेना चाहिए कि जितना दबाव बढ़ेगा, ईरानी जनता का प्रतिरोध उतना ही मजबूत होगा. हम कभी अपना सिर नहीं झुकाएंगे.
बातचीत करेंगे लेकिन धमकियां नहीं सहेंगे
ईरानी राष्ट्रपति ने साफ किया कि उनका देश कूटनीति और बातचीत के लिए तैयार है लेकिन शर्त सिर्फ एक है – बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ईरान संवाद चाहता है, लेकिन बल प्रयोग की भाषा स्वीकार नहीं करेगा.
Iranian President Masoud Pezeshkian:
Atomic and nuclear bombs are in the hands of the Israeli regime, but the inspectors are requested to come to Iran.
Israel has murdered savagely over 70,000 innocents in Gaza, but Iran, while behind the table of negotiation, was bombed.… pic.twitter.com/0GNiCBTlhN
— Clash Report (@clashreport) September 23, 2026
पेजेश्कियन ने कहा कि दुनिया को फिर से वर्चस्व और दबदबे की राजनीति की ओर नहीं लौटना चाहिए. अगर वैश्विक व्यवस्था को टिकाऊ बनाना है तो उसका आधार शांति और कानून होना चाहिए, न कि धमकी और प्रतिबंध.
परमाणु कार्यक्रम पर दुनिया को दिया संदेश
अपने संबोधन में पेजेश्कियन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भी जोरदार बचाव किया. उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और देश अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा.
उन्होंने कहा,
परमाणु हथियार हमारे एजेंडे में नहीं हैं, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर किसी तरह का प्रतिबंध भी स्वीकार नहीं होगा. यह हमारे विकास और प्रगति का अधिकार है.
ईरानी राष्ट्रपति ने इजराइल पर भी निशाना साधा और कहा कि दुनिया का ध्यान गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि परमाणु हथियार इजराइल के पास हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण ईरान में हो रहा है.
गाजा पर भी गरजे पेजेश्कियन
गाजा का मुद्दा उठाते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि फिलिस्तीन आज भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अंतरात्मा पर एक खुला घाव बना हुआ है. दशकों से पारित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव भी हिंसा और संघर्ष को रोकने में नाकाम रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बमबारी, घेराबंदी और सैन्य कार्रवाई से प्रतिरोध की भावना खत्म नहीं की जा सकती. उनका दावा था कि जब तक कब्जा और संघर्ष जारी रहेगा, तब तक प्रतिरोध भी किसी न किसी रूप में जारी रहेगा.
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दिलचस्प बात यह है कि पेजेश्कियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत की खबरें सामने आ रही हैं. ट्रंप ने भी हाल ही में ईरान से जुड़े एक उच्चस्तरीय संवाद का जिक्र करते हुए कहा था कि बैठक बहुत अच्छी रही और इसमें आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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