मलबे से निकला अरबों का खजाना
Nepal Flood Relief: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही का पूरा आंकड़ा जुटाना अभी भी मुश्किल है. खराब मौसम और कठिन भूगोल के बावजूद सरकार राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चला रही है.
बैंक से नकदी और सोना सुरक्षित
नेपाल पुलिस ने आठ घंटे की कोशिश के बाद एग्रीकल्चर डेवलपमेंट बैंक की त्रिशूली धुंगे ब्रांच से करीब 1.5 करोड़ रुपये नकद, लगभग 50 करोड़ रुपये का सोना और अहम दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए.
करिब ८ घण्टाको निरन्तर प्रयास पछि कृषि विकास बैंक, त्रिशूली ढुंगे शाखाबाट करिब रु. १.५ करोड नगद, अनुमानित रु. ५० करोडको सुन तथा महत्वपूर्ण कागजात सुरक्षित स्थानमा सार्दै नेपाल प्रहरी । pic.twitter.com/vAOoOP2VT8
— Nepal Police (@NepalPoliceHQ) August 30, 2026
हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि अब तक 9,435 लोगों को हवाई और सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. राहत कार्यों के लिए कुल 394 उड़ानें संचालित हुईं, जिनमें रविवार को ही 72 उड़ानें शामिल थीं. प्रभावित इलाकों में सेना, पुलिस और सशस्त्र बल के 20,618 जवान तैनात हैं.
हेलीकॉप्टर से राहत बचाव कार्य जारी
जलविद्युत परियोजना क्षेत्रों से सेना के हेलीकॉप्टरों ने 279 लोगों को सुरक्षित निकाला. भारतीय विशेषज्ञों की मदद से रसुवा में अपर त्रिशूली‑1 परियोजना के पास दो दिनों में 250 लोगों को बाहर निकाला गया. चीन और कोरिया की टीमें भी नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
नुवाकोट में सुरंग अभियान जारी
नुवाकोट की अपर त्रिशूली‑3 ‘ए’ परियोजना की सुरंग में बचाव अभियान जारी है. सेना के इंजीनियर ब्लास्टिंग से रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 90 लोगों की संयुक्त टीम, जिसमें प्रशिक्षित कुत्ते और विशेषज्ञ शामिल हैं, मौके पर तैनात है. सुरंग में छेद करने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, इसलिए बड़े उपकरणों से काम जारी है.
घायलों का इलाज जारी
अब तक 267 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से 156 को छुट्टी मिल चुकी है. प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों और मनोपरामर्श टीमों को भेजा गया है.
प्रधानमंत्री कोष में अरबों रुपये
प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि राहत और पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री कोष में 5.24 अरब नेपाली रुपये जमा हो चुके हैं. इसके अलावा हिमालयन और लक्ष्मी बैंक में 21 लाख अमेरिकी डॉलर भी जमा किए गए हैं.
राहत केंद्रों में दी गई आश्रय और सामग्री
रसुवा और नुवाकोट में 26 अस्थायी राहत केंद्र चल रहे हैं. रविवार को ही 3,454 लोगों को इन केंद्रों से आश्रय और सामग्री दी गई.
भारत और अन्य देशों की मदद
भारत से चार चरणों में 68.5 टन मानवीय सहायता और दवाएं पहुंच चुकी हैं. भारत ने 230 फीट लंबा स्टील ब्रिज भेजा है और सात और बेली ब्रिज देने का वादा किया है. नेपाल ने 30 बेली ब्रिज की मांग की है. चीन समेत कई देशों से भी राहत सामग्री पहुंच रही है.
अंतरराष्ट्रीय सहयोग देने का वादा
एशियाई विकास बैंक ने 50 लाख डॉलर का अनुदान और 1.5 लाख डॉलर की तकनीकी सहायता देने का वादा किया है. विश्व बैंक से 16.7 करोड़ डॉलर का ऋण, अमेरिका से 5 लाख डॉलर, ऑस्ट्रेलिया से 10 लाख डॉलर और स्विट्जरलैंड से 10 लाख स्विस फ्रैंक की मदद मिल रही है.
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बाढ़ से नेपाल टेलिकॉम और एनसेल के कई टावर प्रभावित हुए थे. अब तक नेपाल टेलिकॉम के 106 और एनसेल के 75 टावर फिर से चालू हो चुके हैं. प्रभावित क्षेत्रों में 20 सैटेलाइट फोन भी भेजे गए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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