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नेपाल सरकार ने बनाया विशेष आयोग, सात पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की होगी जांच, 100 से ज्यादा पूर्व मंत्री भी जांच के दायरे में

 Former Nepal PM Asset Probe: नेपाल सरकार ने केपी शर्मा ओली समेत सात पूर्व प्रधानमंत्रियों और 100 से अधिक पूर्व मंत्रियों की संपत्ति की जांच का आदेश दिया है.

 Former Nepal PM Asset Probe: नेपाल सरकार ने 2005 से 2025 के बीच सत्ता में रहे पूर्व प्रधानमंत्रियों और शीर्ष नेताओं की संपत्ति की जांच कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए विशेष आयोग गठित किया गया है.

किन नेताओं पर जांच?

जांच के दायरे में सात पूर्व प्रधानमंत्री आए हैं. इनमें केपी शर्मा ओली, पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’, शेर बहादुर देउवा, माधव कुमार नेपाल, खिलराज रेगमी, झलनाथ खनाल और बाबूराम भट्टराई शामिल हैं. इनके अलावा कई पूर्व मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं.

आयोग का गठन

कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि एक स्वतंत्र आयोग बनाया जाए. यह आयोग नेताओं और अधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाएगा और जांच करेगा कि कहीं अवैध तरीके से संपत्ति तो नहीं बनाई गई.

100 से ज्यादा मंत्री भी जांच में

सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि 100 से अधिक पूर्व मंत्री भी इस जांच के दायरे में होंगे. इससे यह संकेत मिलता है कि कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा है.

क्यों उठाया गया कदम?

नेपाल में लंबे समय से भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के आरोप लगते रहे हैं. सरकार चाहती है कि नेताओं की संपत्ति का पूरा हिसाब सामने आए और जनता का भरोसा बहाल हो.

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प्रक्रिया कैसे चलेगी?

आयोग संपत्ति की जांच के लिए कानूनी, वित्तीय और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद लेगा. रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे संसद और जनता के सामने रखा जाएगा.

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राजनीतिक हलचल

इस फैसले से नेपाल की राजनीति में हलचल मच गई है. विपक्ष का कहना है कि यह कदम राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया है, जबकि सरकार का दावा है कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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