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नोएडा में एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार, PM मोदी 28 मार्च को करेंगे उद्घाटन; जानें पूरा शेड्यूल

Jewar Airport Inauguration: नोएडा में एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया. इसका उद्घाटन 28 मार्च 2026 को होगा. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

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एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

Noida International Airport: उत्‍तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार हो रहा है. इस परियोजना के पहले चरण का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे. इसके लिए वे 28 मार्च को सुबह करीब 10.30 बजे जेवर पहुंचेंगे. वे हैलीपैड से सीधे टर्मिनल बिल्डिंग जाएंगे और वहां का निरीक्षण करेंगे.

पीएम मोदी के दौरे का पूरा शेड्यूल

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए समारोह स्‍थल पर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं. सुरक्षा के लिए 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. पूरे आयोजन की निगरानी 300 सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी.

शनिवार, सुबह करीब 11.30 बजे से 12 बजे के बीच पीएम मोदी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. वहां वे एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और जनसभा को भी संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम को एयरपोर्ट पहुंचकर तैयारियों का जायजा ले सकते हैं.

कल सुबह 7 बजे से 11 बजे तक नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों पर रोक रहेगी. स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिन किसानों की जमीन एयरपोर्ट के लिए गई है, वे कार्यक्रम में मंच के सामने खास तौर पर बैठेंगे.

नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य ऐसे चला.

नोएडा के एयरपोर्ट की विशेषताएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा. पहले चरण में यह सालाना 12 मिलियन यात्री संभाल सकेगा. इसमें एक रनवे और एक आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग बनी है. यहां एस्केलेटर, शॉपिंग एरिया, रेस्टोरेंट और कैफे जैसी सुविधाएं हैं. एयरपोर्ट पर्यावरण अनुकूल है और भविष्य में नेट-जीरो एमिशन का लक्ष्य रखता है. चार चरणों के बाद यह सालाना 70 मिलियन यात्रियों को हैंडल कर सकेगा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा.

प्रोजेक्ट की लागत, निर्माण, निवेश

पहले चरण की लागत करीब 4,588 करोड़ रुपये से 10,000 करोड़ रुपये के आसपास है. निर्माण कार्य वर्ष 2022-23 में शुरू हुआ था. पूरा प्रोजेक्ट चार चरणों में बनेगा. अंतिम चरण 2040-50 तक पूरा होने की उम्मीद है. कुल निवेश करीब 29,650 करोड़ रुपये का होगा.

नोएडा लोकेशन चुनने का कारण

यह एयरपोर्ट जेवर में स्थित है, जो दिल्ली से करीब 72 किलोमीटर दूर है. इसके लिए नोएडा इसलिए चुना गया, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की क्षमता जल्द भर सकती है. जेवर की जगह यमुना एक्सप्रेसवे के पास होने से आगरा, अलीगढ़, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों से अच्छी कनेक्टिविटी बनेगी. यहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध थी और क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है.

बड़ा एयरपोर्ट बनाने के लिए यूं तो देश में कई जगहें हैं, लेकिन एनसीआर की तेजी से बढ़ती आबादी, व्यापार और रोजगार की जरूरत को देखते हुए जेवर सबसे सही विकल्प साबित हुआ. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की नई लहर आएगी.

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एक भाजपा नेता ने कहा कि इस एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट पर बोझ कम होगा. क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा. कार्गो सुविधा मजबूत होगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नई विकास धारा बहेगी. लोग बेहतर हवाई कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकेंगे.

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