US Israel Iran conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल से भरे जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है. इससे भारत समेत कई देशों ने राहत की सांस ली है. लेकिन इसी बीच ओमान की तरफ से एक नया बयान आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है.
जहाजों पर शुल्क लगाने की संभावना
एक रिपोर्ट के अनुसार, ओमान ने पहली बार संकेत दिया है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना पड़ सकता है. ओमान ने यूरोपीय अधिकारियों से कहा है कि युद्ध से पहले जैसी स्थिति अब संभव नहीं है. प्रदूषण नियंत्रण और नेविगेशन जैसी सेवाओं के लिए शुल्क लागू किया जा सकता है.
अमेरिका और यूरोप की चिंता
ओमान और ईरान द्वारा टोल व्यवस्था शुरू करने की संभावना ने अमेरिका, यूरोपीय देशों और खाड़ी अरब देशों को चिंतित कर दिया है. माना जा रहा है कि 29 मई को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की बैठक में यह मुद्दा उठ सकता है.
मलक्का स्ट्रेट से तुलना
ओमान सरकार इस समय अध्ययन कर रही है कि दुनिया के अन्य संकरे समुद्री रास्ते कैसे काम करते हैं. इसमें एशिया का मलक्का स्ट्रेट भी शामिल है, जहां जहाजों को कोई अनिवार्य शुल्क नहीं देना पड़ता.
पहले किया था इनकार
कुछ समय पहले ओमान और ईरान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि वे होर्मुज स्ट्रेट के संचालन और खर्चों पर चर्चा करेंगे. अमेरिकी दबाव के बाद ओमान ने यूएस और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ बयान जारी कर टोल की बात खारिज कर दी थी. लेकिन अब फिर से टोल व्यवस्था का जिक्र किया गया है.
ईरान का दबाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान ने यूरोपीय अधिकारियों को बताया है कि उस पर ईरान का दबाव है. टकराव के दौरान ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बावजूद ईरान फारस की खाड़ी में बड़ी सैन्य ताकत बना हुआ है.
ईरान का बयान
ईरान ने कहा है कि वह ओमान के साथ मिलकर होर्मुज से समुद्री यातायात का प्रबंधन करना चाहता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टोल लागू हुआ तो शिपिंग कंपनियों और कमोडिटी व्यापारियों को हर साल अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है.
ये भी पढ़ें-सेशेल्स में नारियल पानी के साथ दिखी भारत-सेशेल्स की दोस्ती, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने साझा किए हल्के पल
तनाव कम होने के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट पर टोल की चर्चा ने वैश्विक स्तर पर नई चिंता पैदा कर दी है. ओमान का बदला हुआ रुख यह दिखाता है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में कठिन स्थिति में है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार जगत की नजरें टिकी रहेंगी.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


