Pakistan Army News: कहते हैं कि एक देश की सेना अपनी सरहदों की हिफाजत करती है, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने इस परिभाषा को भी पलट दिया है. एक तरफ जहां भारत की सेना देश की सुरक्षा में लगी है, वहीं पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की फौज ने अपनी ही जमीन पर आम नागरिकों पर बम बरसाए हैं. शहबाज शरीफ की सरकार और मुनीर की सेना, जो आतंकियों को पनाह देने के लिए कुख्यात हैं, उन्होंने रात के अंधेरे में बच्चों और महिलाओं सहित 30 से ज्यादा लोगों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तानी सेना ने एक भयावह एयर स्ट्राइक (Pakistan Army bombs civilians) की है, जिसमें 30 से ज्यादा निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है. इस हमले में कई मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. सेना ने तिराह घाटी में स्थित मात्रे दारा गांव पर JF-17 फाइटर जेट से कम से कम 8 LS-6 बम गिराए.
सेना की दोहरी नीति
यह घटना पाकिस्तान की दोहरी नीति को उजागर करती है. एक ओर पाकिस्तानी सरकार और सेना खैबर पख्तूनख्वा में जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में रैली और भर्ती अभियान चलाने देती है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष नागरिकों के घरों पर बम बरसाती है. पिछले हफ्ते ही खबर सामने आई थी कि पाकिस्तान पुलिस की निगरानी में जैश-ए-मोहम्मद का एक बड़ा मजमा आयोजित किया गया था.
ये भी पढ़ें: पति की लाश को बनाया ‘खाद’, अब उगा रही हैं पौधे; सरकार ले आई Human Composting पर कानून
आतंकवादियों को पनाह
पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को पनाह देती है, उन्हें पालती-पोसती है, और निर्दोष नागरिकों के खून से अपने गुनाहों को ढकने की कोशिश करती है. अब यह हकीकत छिपी नहीं है कि इस्लामाबाद के हुक्मरान और रावलपिंडी की फौज आतंकवाद की जननी और इंसानियत की दुश्मन है.
मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान में लगातार हो रहे इन हवाई हमलों और आम नागरिकों की हत्याओं पर न तो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (Human rights violation in Pakistan) कोई प्रतिक्रिया दे रहे हैं और न ही संयुक्त राष्ट्र इस विषय पर कोई संज्ञान ले रहा है. यह एक खतरनाक संकेत है कि जब एक परमाणु शक्ति संपन्न देश अपने ही नागरिकों के खिलाफ हवाई हमले करता है और दुनिया चुप रहती है.
सबसे क्रूर उदाहरण
यह घटना पाकिस्तान और उसके नेतृत्व की दोहरी मानसिकता का सबसे क्रूर (Pakistan Army atrocities) उदाहरण है. एक तरफ जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठन पुलिस की सुरक्षा में रैली करते हैं, और दूसरी तरफ वही सेना अपने ही नागरिकों पर चीनी फाइटर जेट से बम बरसाती है. मुनीर और शहबाज शरीफ का यह कदम न केवल अमानवीय है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकवाद को पालने और उसे अपनी जमीन पर फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. यह पाकिस्तान की बर्बादी की एक और कहानी है, जहां आंतरिक संघर्ष ने उसे खुद ही तबाह कर दिया है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



