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पाकिस्तान कैसे बना आतंक की राजधानी? ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में नंबर वन, जुलाई 2026 बना सबसे खूनी महीना

Pakistan Terrorism Index: पाकिस्तान ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी प्रभावित देश बना.

Pakistan Terrorism Index: जिस पाकिस्तान ने सालों तक आतंकवाद को पनाह दी, वही आज खुद आतंक की चपेट में है. इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) की ताज़ा रिपोर्ट ‘ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026’ ने पाकिस्तान को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी प्रभावित देश घोषित किया है. पहली बार पाकिस्तान इस इंडेक्स में नंबर वन पर पहुंचा है, जो बताता है कि वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

मौतों का बढ़ता ग्राफ

रिपोर्ट के अनुसार 2025 में पाकिस्तान में 1,139 आतंकी हमले हुए और 1,045 लोग मारे गए. यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे भयावह है. लगातार छठे साल मौतों का ग्राफ ऊपर गया है. जनवरी से जुलाई 2026 तक 2,786 लोगों की जान गई, जिनमें 1,857 आतंकी, 434 सुरक्षाकर्मी, 463 आम नागरिक और 32 शांति समिति सदस्य शामिल हैं.

बंधक बनाने की घटनाएं

2025 में बंधक बनाने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ीं. 2024 में जहां 101 लोग बंधक बने थे, वहीं 2025 में यह संख्या 655 तक पहुंच गई. ‘जाफर एक्सप्रेस’ पर हुए हमले में अकेले 442 लोगों को आतंकियों ने कैद कर लिया था. पाकिस्तान अब उन देशों की कतार में खड़ा है जहां बुर्किना फासो, नाइजीरिया और नाइजर जैसे राष्ट्र आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

जुलाई 2026: सबसे खूनी महीना

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2026 एक दशक का सबसे घातक महीना रहा. इस दौरान 606 लोग मारे गए और 232 घायल हुए. इसमें 112 सुरक्षाकर्मी, 401 आतंकी, 74 नागरिक और 19 शांति समिति सदस्य शामिल थे. जुलाई में 8 आत्मघाती हमले हुए, जिनमें से 5 में विस्फोटकों से भरी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया. अपहरण के मामले भी जून की तुलना में दोगुने होकर 66 तक पहुंच गए.

बलूचिस्तान और KPK सबसे प्रभावित

पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हमले और मौतें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में हुईं. 2025 में 74% हमले और 67% मौतें इन्हीं दो प्रांतों में दर्ज की गईं. जुलाई 2026 में बलूचिस्तान में मौतों का आंकड़ा जून की तुलना में 241% बढ़कर 372 तक पहुंच गया. सुरक्षाकर्मियों की मौतों में 933% की बढ़ोतरी हुई.

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आतंक के पीछे की वजह

पाकिस्तान की इस स्थिति के पीछे दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं. पहला, 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे गुटों को आधुनिक हथियार और खुली छूट मिल गई. दूसरा, पाकिस्तान की राजनीति, सेना और न्यायपालिका के बीच चल रही खींचतान ने सुरक्षा तंत्र को कमजोर कर दिया है. नतीजा यह है कि पाकिस्तान अपने ही बॉर्डर को सुरक्षित रखने में नाकाम साबित हो रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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