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Pakistan की माली हालत खराब, Shehbaz Sharif सरकार की नाकामी से आम जनता का आहार हुआ महंगा

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय गहरे संकट से गुजर रही है, और इसका सबसे बड़ा असर वहां की आम जनता पर पड़ा है. महंगाई ने पाकिस्तानी नागरिकों की थाली से कई जरूरी चीजें हटा दी हैं.

Pakistan chiken Price

चिकन की कीमतों में वृद्धि (AI फोटो.)

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय गहरे संकट से गुजर रही है, और इसका सबसे बड़ा असर वहां की आम जनता पर पड़ा है. महंगाई ने पाकिस्तानी नागरिकों की थाली से कई जरूरी चीजें हटा दी हैं. गेहूं का आटा और सब्जियां महंगी हो गई हैं, और अब चिकन की कीमतों में भी भारी उछाल देखा जा रहा है.

पेशावर में चिकन की कीमत मात्र दो दिनों में 70 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गई है, और अब जिंदा मुर्गा 420 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. इसके कारण लोगों का गुस्सा पाकिस्तान सरकार, खासकर शहबाज शरीफ के खिलाफ फूट पड़ा है. उनका कहना है कि सरकार कीमतों को नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल रही है.

चिकन की कीमतों में बेतहासा वृद्धि

समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पोल्ट्री व्यापारियों का कहना है कि चिकन की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण पंजाब से सप्लाई में कमी है, जिसके कारण बाजार में मुर्गी की कमी हो गई है. कुछ व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई चेन की स्थिति नहीं सुधरी, तो कीमतों में और इजाफा हो सकता है.

चिकन हुआ बजट से बाहर

महंगाई के चलते अब चिकन आम पाकिस्तानियों के बजट से बाहर हो चुका है. कई परिवारों ने इसे अपनी डाइट से हटा दिया है क्योंकि वे इसे खरीदने में सक्षम नहीं हैं. लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि वे कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाएं.

गरीबी की दर में इजाफा

अगर यही स्थिति रही, तो पाकिस्तान की आर्थिक हालत और भी गंभीर हो सकती है. वर्तमान में देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी और गरीबी की दर में भी इजाफा हो रहा है. विदेशी मुद्रा की कमी, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और आंतरिक आर्थिक नीतियों की अस्थिरता ने पाकिस्तान को गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है.


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-भारत एक्सप्रेस



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