तीन देशों की यात्रा के पहले पड़ाव के तहत इंडोनेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया. अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सदियों पुरानी साझा विरासत और विश्वास पर टिका हुआ है.
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस बयान को याद किया, जिसमें उन्होंने खुद को भारतीय डीएनए से जुड़ा बताया था. पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति सुबियांतो के इस कथन ने दुनिया भर के लाखों भारतीयों का दिल जीत लिया था. उन्होंने कहा कि यहां डीएनए का मतलब केवल जैविक पहचान नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी भरोसे से है.
समुद्री रास्तों से जुड़ी दो सभ्यताओं की कहानी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया का संबंध समुद्र और सभ्यताओं के मेल से बना है. सदियों पहले समुद्री रास्तों के जरिए दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के करीब आए और यह रिश्ता समय के साथ और मजबूत होता गया.
उन्होंने भारतीय और इंडोनेशियाई परंपराओं का उदाहरण देते हुए कहा कि कई सांस्कृतिक समानताएं आज भी दोनों देशों की दोस्ती को दिखाती हैं. चाहे भारत में नदियों से जुड़ी लोक परंपराएं हों, इंडोनेशिया में रामायण और महाभारत से जुड़े मंचन की परंपरा हो या देवी श्री जैसी मान्यताएं, ये सभी दोनों देशों की गहरी सांस्कृतिक नजदीकियों को दर्शाती हैं.
विकास की रफ्तार बढ़ाने पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया के विकास लक्ष्यों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देश तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं और उनके सामने रुकने का कोई विकल्प नहीं है. भारत अपने समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बंदरगाहों को आधुनिक बना रहा है, नए जहाज तैयार कर रहा है और समुद्री संपर्क को बढ़ावा दे रहा है. इस दिशा में इंडोनेशिया भारत का अहम साझेदार है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी जैसी बड़ी चुनौती और पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी.
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं बदलावों की वजह से भारत लगातार मजबूत हो रहा है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही, जो देश की आर्थिक क्षमता और सुधारों के प्रभाव को दिखाती है.
पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता आने वाले समय में और मजबूत होगा. दोनों देशों के बीच सहयोग केवल व्यापार और रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा संस्कृति और लोगों के बीच जुड़ाव पर भी आधारित है.
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-भारत एक्सप्रेस
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