PM Modi In Prambanan Temple: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से लेकर विश्व प्रसिद्ध Prambanan Temple तक भारत और प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति लोगों का उत्साह देखने लायक रहा. जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे, सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग घंटों पहले से कतारबद्ध होकर उनका इंतजार करते नजर आए. लोगों ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया, जबकि कई लोग भारत और इंडोनेशिया के झंडे लहराते दिखाई दिए. पूरे रास्ते पर उत्सव जैसा माहौल था.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोगों के अभिवादन का गर्मजोशी से जवाब दिया. उन्होंने वाहन से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और कई स्थानों पर मौजूद भारतीय समुदाय तथा स्थानीय नागरिकों का उत्साह बढ़ाया. इस दौरान ‘मोदी… मोदी’ और ‘भारत-इंडोनेशिया मित्रता’ के नारों से वातावरण गूंज उठा.
इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विरासत है यह मंदिर
प्राम्बानन मंदिर, जो इंडोनेशिया की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक अनमोल प्रतीक माना जाता है, वहां प्रधानमंत्री मोदी का आगमन दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक संबंधों को नई पहचान देता दिखा. यह मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसरों में गिना जाता है और भगवान शिव, विष्णु तथा ब्रह्मा को समर्पित है. भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत रिश्तों का यह एक जीवंत प्रतीक भी है.
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी बेहद मजबूत है. रामायण और महाभारत जैसी साझा सांस्कृतिक परंपराएं आज भी इंडोनेशिया के सामाजिक जीवन में विशेष स्थान रखती हैं और यही निकटता दोनों देशों की मित्रता को और गहरा बनाती है.
मजबूत साझेदारी की बुनियाद है पीएम मोदी का यह दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा रक्षा, व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक कूटनीति को भी नई गति देगा. प्राम्बानन मंदिर में उनकी मौजूदगी इस संदेश का प्रतीक बनी कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों की नींव केवल वर्तमान हितों पर नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से चले आ रहे साझा इतिहास, संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों पर भी टिकी हुई है.
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सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और लोगों का स्वतःस्फूर्त स्वागत इस बात का संकेत था कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा केवल एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते विश्वास, आत्मीयता और मित्रता का भी उत्सव बन गई.
-भारत एक्सप्रेस
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