PoK protests: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में 9 जून को बुलाए गए बंद और विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गए. बड़ी संख्या में लोग ‘लॉन्ग मार्च टू मुजफ्फराबाद’ में शामिल हुए और पाकिस्तान सरकार व सेना के खिलाफ जमकर नारे लगाए.
रावलकोट में भिड़ंत
रावलकोट में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच हिंसक टकराव की खबरें आईं. इस दौरान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और खुफिया एजेंसी ISI को लेकर ‘आसिम मुनीर आतंकवादी’ और ‘ISI दहशतगर्द’ जैसे नारे लगे. हालात बिगड़ते देख सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई.
नेताओं ने क्या कहा?
कश्मीर आवामी एक्शन कमेटी के नेता ख्वाजा मेहरान ने समर्थकों से कहा कि आज का दिन याद रखिए, आने वाली पीढ़ियों को बताइए कि हम खड़े हुए थे और पैरामिलट्री फोर्स के आगे झुके नहीं. वहीं JAAC के वरिष्ठ नेता शौकत नवाज मीर ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों की आवाज दबाई जा रही है और युवाओं की हत्या की जा रही है.
मस्जिदों से अपील
रावलकोट की कई मस्जिदों से भी लोगों को आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई. स्थानीय घोषणाओं में कहा गया कि कश्मीर की धरती पर बाहरी फोर्स हमला कर रही है और सभी कश्मीरियों को मार्च में शामिल होकर अपनी कौमी-गैरत दिखानी चाहिए.
आंदोलन की वजह
PoK में चल रहा यह आंदोलन सिर्फ सुरक्षा बलों के खिलाफ नहीं बल्कि स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक संकट और प्रशासनिक अधिकारों की मांगों से भी जुड़ा है. यही कारण है कि विरोध तेज होता जा रहा है.
हालात तनावपूर्ण
क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है.
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-भारत एक्सप्रेस
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