Bharat Express DD Free Dish

पोलैंड में ड्रोन घुसपैठ को ट्रंप ने कहा गलती, बोले- ‘जल्द ही स्थिति सामान्य होगी’, फ्रांस ने भेजा राफेल

पोलैंड के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसने से यूरोप और अमेरिका में सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है. ट्रंप ने इसे गलती कहा, जबकि फ्रांस ने राफेल जेट तैनात किए. पोलैंड के पीएम ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक स्थिति बताया.

India-US Trade Deal

Poland Drone Intrusion: पोलैंड के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है और इसे एक “गलती” करार दिया. ट्रंप ने कहा कि वह इस पूरी घटना से खुश नहीं हैं और उम्मीद जताई कि जल्द ही यह संकट समाप्त हो जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पोलैंड की सेना ने पुष्टि की थी कि उसने यूक्रेन पर रूसी हमले के दौरान अपने हवाई क्षेत्र में घुस आए ड्रोन को मार गिराया था. हालांकि रूस ने इसका खंडन किया और दावा किया कि यह ड्रोन यूक्रेन का था. इस विवाद ने यूरोप के कई देशों में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी है.

ट्रंप का बयान: “गलती हो सकती है”

व्हाइट हाउस के बाहर मीडिया से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा, “यह एक गलती हो सकती है. बहरहाल, मैं इस पूरी स्थिति से जुड़ी किसी भी बात से खुश नहीं हूँ. उम्मीद है कि यह जल्द खत्म हो जाएगा.” उनका यह बयान इस अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच स्थिति को शांत करने के प्रयास जैसा प्रतीत हो रहा है.

फ्रांस ने सुरक्षा कड़ी की

पोलैंड में ड्रोन घुसने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तत्काल कदम उठाए. उन्होंने पोलिश हवाई क्षेत्र में तीन राफेल जेट तैनात करने का आदेश दिया. मैक्रों ने कहा, “मैंने इस मामले पर नाटो महासचिव और ब्रिटिश प्रधानमंत्री से बात की है. यूरोप की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. रूस की बढ़ती धमकियों के आगे हम नहीं झुकेंगे.”

ये भी पढ़ें- नेपाल के भीतर अमेरिका का एक्शन! क्या और क्यों कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?

“द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक स्थिति”

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस स्थिति को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक बताया है. उन्होंने आगाह किया कि देश फिलहाल युद्ध की स्थिति में नहीं है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, पोलैंड में अब तक 16 ड्रोन देखे गए हैं और उनका मलबा एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है.

घटना के बाद यूरोप और अमेरिका में सुरक्षा और कूटनीति की चर्चाओं को तेज कर दिया है. ट्रंप और मैक्रों जैसे वैश्विक नेता इसे गंभीर मान रहे हैं, जबकि पोलैंड के अधिकारी स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता और नाटो देशों की सुरक्षा रणनीति पर असर डाल सकती हैं.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read