Protest Against Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों कई मोर्चों पर घिरे हुए हैं. टैरिफ विवाद हो, भारत से बिगड़ते रिश्ते हों या फिर रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की कोशिशें हर मुद्दे पर उनकी नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं. अब ताजा मामला है वाशिंगटन DC में नेशनल गार्ड्स की तैनाती, जिसके खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं.
व्हाइट हाउस तक गूंजे नारे
शनिवार को राजधानी की सड़कों पर ‘फ्री DC’, ‘ट्रंप अब तुम्हें जाना होगा’ और ‘अत्याचारों का विरोध करेंगे’ जैसे नारे गूंजे. बड़ी संख्या में लोग बैनर और स्लोगन वाली तख्तियां लेकर व्हाइट हाउस तक मार्च करते दिखे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप स्थानीय प्रशासन को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहे हैं.
ट्रंप बोले- जनता की सुरक्षा के लिए
राष्ट्रपति ट्रंप का तर्क है कि उनकी ये कार्रवाई आम नागरिकों की भलाई के लिए है. उनका दावा है कि नेशनल गार्ड्स की मौजूदगी से क्राइम रेट घटेगा और शहर में सुरक्षा बढ़ेगी. लेकिन विरोध करने वालों का कहना है कि ये कदम “क्राइम इमरजेंसी” के नाम पर जनता की आवाज दबाने की साजिश है.
This is Washington DC right now. A huge protest has broken out and they’re walking to the White House to stand up against the federal takeover. People are FED UP with Trump. pic.twitter.com/nTNroEfobH
— Harry Sisson (@harryjsisson) September 6, 2025
2000 गार्ड्स तैनात, फिर भी बढ़ा गुस्सा
अगस्त 2025 में ट्रंप ने वाशिंगटन DC में करीब 2000 नेशनल गार्ड्स भेजे थे. उनका कहना था कि शहर में अपराधी गिरोह, हिंसक गुट और लूटपाट करने वाले लगातार कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं. हालांकि लोगों का मानना है कि असली मकसद शक्ति प्रदर्शन है.
Churches in Washington DC are ringing their bells in support of the protest pic.twitter.com/TVJtAQJsRE
— jazyn (@notjasond100) September 6, 2025
लॉस एंजिल्स और शिकागो में भी टकराव
यह विवाद सिर्फ वाशिंगटन तक सीमित नहीं है. जून में लॉस एंजिल्स में भी गवर्नर गेविन न्यूजॉम की अनुमति के बिना गार्ड्स भेजे गए थे. वहां प्रशासन और जनता ने इसे पूरी तरह अवैध करार दिया और कोर्ट में केस दर्ज कराया. अब खबरें हैं कि ट्रंप सितंबर में शिकागो में भी नेशनल गार्ड्स भेज सकते हैं. लेकिन वहां के मेयर ब्रैंडन जॉनसन पहले ही पुलिस को आदेश दे चुके हैं कि संघीय एजेंटों या गार्ड्स को कोई सहयोग न दिया जाए.
19 राज्यों में भी तैनाती
इतना ही नहीं, अगस्त 2025 में करीब 1700 नेशनल गार्ड्स रिपब्लिकन-शासित 19 राज्यों में भी भेजे गए. इनमें अलाबामा, टेक्सास, फ्लोरिडा, इंडियाना, ओहायो और जॉर्जिया जैसे राज्य शामिल हैं. ट्रंप इसे “सख्ती से कानून व्यवस्था लागू करने” की नीति बताते हैं, जबकि विपक्षी और स्थानीय प्रशासन इसे लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला मान रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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