Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

रूस ने 92 अमेरिकी नागरिकों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध, इसमें पत्रकार से लेकर ये लोग भी शामिल

मंत्रालय की सूची के अनुसार रूस ने अब तक 2,000 से अधिक अमेरिकियों के अपने यहां प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.

Putin- biden

फोटो-सोशल मीडिया

Russia bans American: बुधवार को रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बड़ी घोषणा करते हुए अमेरिका के 92 नागरिकों को देश में प्रवेश के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. इनमें पूर्व में रूस में काम कर चुके कुछ पत्रकार, अधिकारी और कुछ व्यापारी भी शामिल हैं. मंत्रालय की सूची के अनुसार रूस ने अब तक 2,000 से अधिक अमेरिकियों के अपने यहां प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि “मॉस्को को रणनीतिक रूप से हराने के घोषित लक्ष्य के साथ बाइडन प्रशासन द्वारा अपनाई गई रूस को अलग-थलग करने की नीति” के जवाब में अमेरिकियों पर प्रतिबंध लगाया गया है. बयान में ये भी कहा गया है कि ”रूस और रूस सैन्य बलों के बारे में झूठी खबरें तैयार करने और उनका प्रसार करने में शामिल अग्रणी तथाकथित उदार-वैश्विक प्रकाशनों का प्रतिनिधित्व” करने वाले अमेरिकी पत्रकारों पर प्रतिबंध लगाया गया है.

ये भी पढ़ें-चांद की रोशनी में परखते थे अपना खेल और ओलंपिक में चमके सूरज की तरह…जानें कैसे बने ‘चंद’? पढ़ें हॉकी के ‘जादूगर’ के जीवन से जुड़ा ये दिलचस्प किस्सा

अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के पांच पत्रकारों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिनमें कीव ब्यूरो प्रमुख एंड्रयू क्रेमर और ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के चार पत्रकार शामिल हैं. कानून प्रवर्तन एजेंसियों में काम करने वाले लोग, शिक्षाविद, तथा व्यवसायी और थिंक टैंक के लोगों पर भी रूस में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. मंत्रालय की सूची के अनुसार रूस ने अब तक 2,000 से अधिक अमेरिकियों के अपने यहां प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है.

प्रतिबंधित अमेरिकियों की नयी सूची में अंग्रेजी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की मुख्य संपादक एम्मा टकर सहित 11 वर्तमान और पूर्व पत्रकार शामिल हैं. टकर ने ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के रिपोर्टर इवान गेर्शकोविच को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार करने और उनकी दोषसिद्धि के लिए रूस की बार-बार आलोचना की थी. इवान गेर्शकोविच ने 16 महीने सलाखों के पीछे बताए थे और वह अगस्त में कैदियों की अदला-बदली के तहत रिहा हुए थे.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital