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PAK के रास्ते हिंद महासागर तक रेल लाइन, चाबहार पर संकट; भारत से दगाबाजी करेगा रूस?

रूस मध्य एशिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते हिंद महासागर तक पहुंच बनाने वाले रेल कॉरिडोर की योजना पर काम कर रहा है. इस प्रोजेक्ट से भारत के चाबहार पोर्ट और मध्य एशिया तक पहुंच की रणनीति पर संभावित असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

Rail Corridor

Russia Pakistan Rail Corridor: दुनिया के कूटनीतिक शतरंज पर एक ऐसा खेल शुरू हो गया है जिसने भारत के विदेश मंत्रालय से लेकर रणनीतिक विशेषज्ञों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं! सालों से भारत का सबसे भरोसेमंद दोस्त माना जाने वाला रूस अब पाकिस्तान के साथ मिलकर एक बड़ा गेम प्लान तैयार कर रहा है.

बता दें रूस जल्द ही मध्य एशिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते सीधे हिंद महासागर तक ‘रूस-मध्य एशिया-हिंद महासागर रेल कॉरिडोर’ बिछाने की तैयारी में है. जहां इस प्रोजेक्ट को भारत के चाबहार बंदरगाह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, वहीं शहबाज़ शरीफ और पाकिस्तानी नेता इसे ‘स्वेज नहर से भी बड़ा चमत्कार’ बताकर अपनी बाछें खिलौने में लगे हैं!

रूस ये कदम क्यों उठा रहा?(Russia Pakistan Rail Corridor)

रूस के उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने इस मेगा प्रोजेक्ट की पुष्टि करते हुए कहा है कि रूसी परिवहन मंत्रालय इस योजना पर काफी तेजी से काम कर रहा है. इस रेल लाइन के जरिए मॉस्को सीधे उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए अरब सागर और हिंद महासागर तक अपनी पहुंच बना लेगा. इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद रूस से दक्षिण एशिया सामान पहुंचने में जो समय 35 दिन लगता था, वह घटकर केवल 5 दिन रह जाएगा!

क्यों बढ़ गई नई दिल्ली की टेंशन?

भारत पिछले कई सालों से ईरान में चाबहार पोर्ट को डेवलप करने में अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है, ताकि पाकिस्तान को बाईपास करके मध्य एशिया और यूरोप तक सीधी पहुंच बनाई जा सके. लेकिन अगर रूस का यह नया रेल कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाता है, तो मध्य एशियाई देश चाबहार के लंबे और मुश्किल रूट की बजाय सीधे रूसी रेल लाइन का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे. इससे भारत के करोड़ों-अरबों डॉलर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘चाबहार’ की उपयोगिता पर सीधे सवाल खड़े हो सकते हैं.

पाकिस्तानी सीनेटर ने हांकी डींगें

रूस के इस कदम से बौखलाया पाकिस्तान अब खुशी से फूला नहीं समा रहा है. पाकिस्तानी सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने तो इस प्रोजेक्ट को ‘स्वेज नहर’ का नाम तक दे दिया है! रूसी मीडिया ‘स्पुतनिक’ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन दुनिया के व्यापारिक इतिहास को बदलकर रख देगी और भू-राजनीति की जगह अब ‘भू-अर्थशास्त्र’  ले लेगा, जहां पाकिस्तान पूरे एशिया का नया व्यापारिक केंद्र बनकर उभरेगा.

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क्या बदल गया मास्को का रुख?

कभी भारत के दबाव के चलते पाकिस्तान से दूरी बनाकर रखने वाला रूस अब खुलकर इस्लामाबाद पर मेहरबान हो रहा है. रूस की फेडरेशन काउंसिल की अध्यक्ष वैलेंटिना मैटविएन्को ने पाकिस्तानी सीनेट को भेजे संदेश में साफ-साफ लिखा कि “पाकिस्तान एशिया में रूस का एक बेहद महत्वपूर्ण और सम्मानजनक साझेदार है.

इतना ही नहीं, रूस पाकिस्तान को रियायती दरों पर कच्चा तेल बेच रहा है और दोनों देशों के बीच सीधा समुद्री व्यापार भी दिन-दूना रात-चौगुना बढ़ रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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