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Chabahar Port

CHABAHAR-ZAHEDAN RAILWAY EXPLAINER: ईरान ने हिंद महासागर के मुहाने पर स्थित रणनीतिक चाबहार बंदरगाह से अफगानिस्तान सीमा के समीप जहेदान तक करीब 630 किलोमीटर लंबी मुख्य रेलवे लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. आइए इस परियोजना को भारत के नजरिए से देखते हैं-

रूस मध्य एशिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते हिंद महासागर तक पहुंच बनाने वाले रेल कॉरिडोर की योजना पर काम कर रहा है. इस प्रोजेक्ट से भारत के चाबहार पोर्ट और मध्य एशिया तक पहुंच की रणनीति पर संभावित असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

US Israel Iran Conflict: ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी बमबारी में निगरानी टावर तबाह हो गया है. जानिए इस हमले के बाद वहां भारत के 1,000 करोड़ रुपये के निवेश की क्या स्थिति है.

भारत की विदेश नीति में ईरान के साथ संबंध हमेशा अमेरिकी प्रतिबंधों और रणनीतिक स्वायत्तता के बीच झूलते रहे हैं. यदि भारत ने प्रतिबंधों की परवाह किए बिना चाबहार बंदरगाह और उससे जुड़े रेल-रोड नेटवर्क का तेजी से विकास किया होता.

भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने Chabahar Port को भारत-ईरान व्यापार का ‘Golden Bridge’ बताया. यह पोर्ट चीन-पाकिस्तान के Gwadar Port को टक्कर देने वाला भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक दांव माना जा रहा है...

साल 2026-27 के बजट में चाबहार पोर्ट के लिए ₹0 आवंटित किए जाने ने कूटनीति और विदेश नीति में हलचल मचा दी है. यह भारत के लिए रणनीतिक महत्व का प्रोजेक्ट था, जो पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट और मध्य एशिया तक पहुंच का विकल्प प्रदान करता है.

Taliban Foreign Minister India Visit: तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी अगले हफ्ते 9 से 16 अक्टूबर के बीच भारत के दौरे पर आने वाले हैं. साल 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद यह पहली बार है कि कोई तालिबानी मंत्री भारत आएगा.

भारत और ईरान के बीच रणनीतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. अली अकबर अहमदियान से टेलीफोन पर बातचीत की.