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जयशंकर ने की ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी, ट्रंप की धमकियों और व्यापार दबाव से निपटने के लिए तैयार रहने की दी सलाह

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स देशों को वैश्विक व्यापार दबाव, सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र सुधार पर ध्यान देने की सलाह दी. भारत अगले साल ब्रिक्स का अध्यक्ष बनेगा और सतत विकास, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देगा.

S Jaishankar BRICS

S Jaishankar BRICS: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स देशों को वैश्विक व्यापार दबाव और चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बढ़ता संरक्षणवाद, ऊंचे-नीचे शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएं व्यापार को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में ब्रिक्स को बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की सुरक्षा करनी होगी.

अमेरिका के टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय दबाव

ब्रिक्स देशों पर अमेरिका द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की संभावना चर्चा में रही. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील पर कुल 50 प्रतिशत और दक्षिण अफ्रीका से आयातित अधिकांश सामान पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की धमकी दी थी. हालांकि जयशंकर ने अमेरिका का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया.

संयुक्त कार्रवाई और शांति स्थापना

इथियोपिया के विदेश राज्य मंत्री हदेरा अबेरा अदमासु ने बैठक में ब्रिक्स के साझा प्रयासों की आवश्यकता बताई. उनका कहना था कि ब्रिक्स शांति स्थापित करने, वैश्विक संस्थाओं में सुधार लाने और विकासशील देशों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है. जयशंकर ने कहा कि जब बहुपक्षीय व्यवस्था दबाव में होती है, तब ब्रिक्स हमेशा विवेकपूर्ण और सकारात्मक बदलाव की आवाज उठाता है.

आईबीएसए बैठक और संयुक्त राष्ट्र सुधार

जयशंकर ने आईबीएसए (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लिया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया. बैठक में शैक्षणिक मंच, समुद्री अभ्यास, ट्रस्ट फंड और आपसी व्यापार पर चर्चा हुई. जयशंकर ने कहा, “ब्रिक्स को व्यापार प्रणाली के अलावा संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों में व्यापक सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा कि अशांत विश्व में ब्रिक्स को शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को सुदृढ़ करना चाहिए.

भारत ब्रिक्स का अगला अध्यक्ष

ब्रिक्स में कुल दस उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं. अगले साल भारत ब्राज़ील की जगह ब्रिक्स का अध्यक्ष बनेगा. जयशंकर ने कहा कि भारत की प्राथमिकता खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास होगी. इसके लिए डिजिटल बदलाव, स्टार्टअप्स, नवाचार और मजबूत विकास साझेदारी पर जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार ब्रिक्स सहयोग के अगले चरण को परिभाषित करेंगे.

डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स पर जताई नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स पर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि ब्रिक्स डॉलर को चुनौती देने के लिए अपनी मुद्रा लाना चाहता है. हालांकि भारत ने स्पष्ट किया कि नई मुद्रा लाने का कोई इरादा नहीं है. ब्रिक्स का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) है. यह बैंक विकासशील देशों को कम ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराता है.

-भारत एक्सप्रेस 



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