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‘चुनाव संभव नहीं’, बांग्लादेश इलेक्शन पर बवाल, मो. यूनुस पर फूट पड़ी आवामी लीग

Bangladesh election: बांग्लादेश में चुनाव का ऐलान हो गया है. इसी के साथ ही देश की सियासी गर्मी बढ़ गई है. तारिखों के ऐलान के बाद शेख हसीना का पार्टी आवामी लीग की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

Sheikh Hasina party Awami League is targeting Mohammad Yunus For Bangladesh election

बांग्लादेश चुनाव संकट गहराया

Bangladesh election: बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने देश के चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम को अस्वीकार कर दिया है. पार्टी का कहना है कि मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के दौरान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है. चुनाव आयोग ने गुरुवार शाम घोषणा की थी कि देश का 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और जुलाई चार्टर रेफरेंडम अगले वर्ष 12 फरवरी को होंगे.

अवामी लीग ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने ‘ग़ैरकानूनी और पक्षपाती यूनुस गुट के अवैध चुनाव आयोग’ द्वारा जारी कार्यक्रम को ध्यान से देखा है. पार्टी का आरोप है कि वर्तमान अंतरिम शासन पूरी तरह पक्षपाती है और उनके नियंत्रण में पारदर्शी और निष्पक्ष माहौल में चुनाव होना संभव नहीं.

संकत की ओर जा रहा है Bangladesh

पार्टी ने कहा कि बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वाली अवामी लीग, अन्य राजनीतिक दलों और जनता के बड़े हिस्से को चुनाव प्रक्रिया से अलग करके मतदान कराना देश को गंभीर संकट की ओर धकेलने जैसा है.

क्या है आवामी लीग की मांग

मौजूदा संकट को बढ़ने से रोकने के लिए, अवामी लीग ने मांग की कि पार्टी पर लगाई गई सभी पाबंदियां हटा दी जाएं, देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, पॉलिटिकल नेताओं और हर तरह के लोगों के खिलाफ सभी “मनगढ़ंत केस’ वापस ले लिए जाएं, और सभी पॉलिटिकल कैदियों को बिना शर्त रिहा किया जाए.

सरकार को बताया धोखेबाज

पार्टी ने यह भी कहा कि मौजूदा ‘धोखेबाज और कब्जा करने वाली सरकार’ की जगह एक निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार बनाई जाए, ताकि स्वतंत्र और सबको शामिल करने वाला चुनाव हो सके.

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बयान में पार्टी ने कहा कि चुनाव जनता की लोकप्रियता का आकलन होते हैं. अवामी लीग एक चुनाव-आधारित पार्टी है और उसके पास जनता के सामने खड़े होने की क्षमता और साहस है. पार्टी ने अब तक 13 में से 9 चुनाव जीते हैं. इसलिए वह ऐसे चुनाव कार्यक्रम को स्वीकार नहीं करती जिसमें जनता के बहुमत के प्रतिनिधियों को ही बाहर कर दिया गया हो.

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