Bangladesh News
Bangladesh News: बांग्लादेश की सियासत में एक बार फिर शेख हसीना का भूचाल आने वाला है. जिस नेता को कट्टरपंथियों की भीड़ ने सत्ता छोड़कर भागने पर मजबूर किया, अब उसी शेख हसीना ने दोबारा बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब वो निर्वासन की जिंदगी नहीं जियेंगी और इसी साल बांग्लादेश लौटेंगी. बता दें कि, पिछले लगभग दो सालों से शेख हसीना भारत में निर्वासित जीवन जी रही हैं.
बता दें कि, हाल ही में NDTV ने शेख हसीना का इंटरव्यू किया. जिसमें शेख हसीना ने कहा कि उनके साथ न्यायालय ने न्याय नहीं किया है. उनके खिलाफ दिया गया फैसला पूरी तरह गैर-कानूनी और बदले की भावना से प्रेरित है.
न्यायपालिका का हथियार की तरह हो रहा इस्तेमाल
शेख हसीना ने इस दौरान बांग्लादेश की न्यायपालिका पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि, उनकी पार्टी आवामी लोग को नेता विहीन बनाया जा रहा है और इसमें न्यायपालिका को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
मौत से डर नहीं लगता
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने कट्टरपंथियों को कड़ा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें मौत से डर नहीं लगता. उन्होंने पिता शेख मुजीबुर्रहमान सहित, मां, भाइयों सहित पूरे परिवार को साल 1975 में खो दिया. खुद मुझपर भी ग्रेनेड से हमला किया गया, लेकिन मैंने सभी साजिशों को खत्म कर अपने लोगों के लिए खड़ी रही. उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन बांग्लादेश के लिए है और वो इस बाधा को भी पार कर जाएंगी.
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शेख हसीना की वापसी को लेकर वहां के कट्टरपंथियों में हलचल तेज हो गई है. जमात-ए-इस्लामी नेता अजहरुल इस्लाम ने सरकार से सवाल किया कि क्या बीएनपी फिर से अवामी लीग को खड़ा कर रही है. उन्होंने संसद में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सवाल पूछा कि आप जमात पर प्रतिबंध लगाने की मांग जो कर रहे हैं, अगर हमपर प्रतिबंध लगाया जाता है तो आप देश क्या अकेले चलाएंगे. और हमारे जगह पर जो खाली जगह होगा उसे कौन भरेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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