Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

अलास्का में ट्रंप-पुतिन मुलाकात के क्या हैं मायने? पुतिन के लिए यह मुलाकात क्यों मानी जा रही बड़ी कूटनीतिक राहत?

Trump Putin Meeting: पश्चिम से अलग-थलग पड़े पुतिन के लिए यह मुलाकात बड़ी कूटनीतिक राहत मानी जा रही है. बिना किसी वादे के भी उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से दोस्ताना व्यवहार मिला. ट्रंप ने न तो युद्ध अपराधों का जिक्र किया और न ही प्रतिबंधों का.

Trump Putin Meeting

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बहुप्रतीक्षित मुलाकात भले ही यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का रास्ता न निकाल सकी हो, लेकिन दोनों नेताओं ने इसे दोस्ती और आपसी भरोसे का प्रदर्शन जरूर बना दिया.

अलास्का के जॉइंट बेस एलमेंडॉर्फ-रिचर्डसन पर हुई यह हाई-प्रोफाइल बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक रही. ट्रंप ने खुद तालियां बजाकर पुतिन का स्वागत किया, रेड कार्पेट बिछाया और यहां तक कि उन्हें अपनी बख्तरबंद लिमोज़िन में साथ बैठने का न्योता भी दिया. ये वहीं पुतिन थे जो पिछले तीन सालों से पश्चिमी देशों की सख्त नाराज़गी और अंतरराष्ट्रीय वारंट का सामना कर रहे थे.

युद्धविराम की कोशिश पर खामोशी

ट्रंप ने मुलाकात से पहले कहा था कि वे यूक्रेन में “तुरंत युद्धविराम” चाहते हैं. लेकिन घंटों चली बातचीत के बाद भी कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया.
इसपर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हम अभी वहां तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हमने कुछ बढ़त बनाई है. जब तक सौदा नहीं होता, तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता है.”

इस मीटिंग में युद्ध विराम को लेकर ट्रंप के द्वारा पूछे गए सवाल पर पुतिन ने कोई साफ जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने एक “समझ” बनाई है. हालांकि ये दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच क्या समझ बनी है इसकी जानकारी दोनों नेता देने से बचते रहे.

russia

पुतिन ने ट्रंप को कहा ‘प्रिय पड़ोसी’

गौरतलब है कि दोनों देशों के नेताओं के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की योजना भी थी. जिसे बाद में रद्द कर दी गई और दोनों नेताओं ने अलग-अलग बयान दिए. लेकिन मंच पर दोनों नेता पहुंचे तो आते ही माहौल बदल गया. ट्रंप ने कहा, “मेरे राष्ट्रपति पुतिन, व्लादिमीर के साथ हमेशा शानदार रिश्ते रहे हैं.”

वहीं पुतिन ने भी उन्हें “प्रिय पड़ोसी” कहा और अगली बार मास्को आने का न्योता भी दे डाला. ट्रंप ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “यह दिलचस्प है, आलोचना तो होगी, लेकिन मुमकिन है.”

अमेरिका में विपक्ष ने की इस मीटिंग की आलोचना

अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन की इस मुलाकात को लेकर कड़ी आलोचना हुई.
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा, “यह फोटो-ऑप खुद में खतरनाक संदेश है. इससे युद्ध अपराधों को वैधता मिलती है और दुनिया के बाकी तानाशाहों को भी गलत सिग्नल जाता है.”

यूक्रेन को लेकर असमंजस

बैठक में यूक्रेन को आमंत्रित नहीं किया गया था. राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने दूर से ही वीडियो जारी कर कहा कि “बातचीत के दिन भी रूस नागरिकों की हत्या कर रहा है.” उन्होंने अमेरिका से मज़बूत रुख अपनाने की अपील की.

ट्रंप ने संकेत दिया कि किसी भी स्थायी शांति समझौते में यूक्रेन को फैसला लेने का अधिकार होगा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “नाटो सदस्यता” अब टेबल पर नहीं है.

पुतिन की बड़ी कूटनीतिक जीत

पश्चिम से अलग-थलग पड़े पुतिन के लिए यह मुलाकात बड़ी कूटनीतिक राहत मानी जा रही है. बिना किसी वादे के भी उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से दोस्ताना व्यवहार मिला. ट्रंप ने न तो युद्ध अपराधों का जिक्र किया और न ही उन प्रतिबंधों का, जिनकी धमकी उन्होंने कुछ घंटे पहले ही दी थी.

ये भी पढ़ें- अलास्का में हुई मुलाकात के दौरान Putin के मन की बात जानने के लिए किसके संपर्क थे Trump? जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

बेलारूस कनेक्शन भी जुड़ा

ट्रंप ने अलास्का जाते वक्त बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको से फोन पर बातचीत की और उनकी तारीफ की.

ट्रंप ने लुकाशेंको से बातचीत में पिछले महीने “कट्टरपंथ” समेत अन्य अपराधों के लिए माफी पाए 16 कैदियों की रिहाई के लिए उनका धन्यवाद किया. ट्रंप ने आगे बताया कि वे अन्य 1,300 कैदियों की रिहाई पर भी उनसे चर्चा कर रहे हैं. बाद में लुकाशेंको ने डोनाल्ड ट्रंप को मिन्स्क आने का न्योता भी दिया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया.

अब आगे क्या होगा?

ट्रंप ने कहा कि वे नाटो नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति से आगे बातचीत करेंगे. लेकिन साफ है कि फिलहाल पुतिन अपनी शर्तों पर अड़े हैं और युद्ध खत्म करने का कोई संकेत नहीं दिया.
इस बीच, ट्रंप-पुतिन की हंसी-मज़ाक और दोस्ताना तस्वीरें दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. जिन्होंने न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि यूक्रेन संकट को और भी पेचीदा बना दिया है.

– भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital