तुर्किए में पैगंबर मुहम्मद के एक कथित कार्टून को लेकर भयंकर विवाद हो गया है. लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी AP के अनुसार इस विवाद की जड़ इस्तांबुल से चलने वाली लेमन मैगजीन में छपा एक कार्टून है. जिसमें दो लोगों को आसमान से धरती पर गिरती मिसाइलों के बीच हवा में हाथ मिलाते हुए दिखाया गया था. बताया जा रहा है कि हवा में हाथ मिलाते ये शख्स पैगंबर मोहम्मद और पैगंबर मूसा हैं. कार्टून सामने आने के बाद लोग भड़क गए और मैगजीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारी इस्तांबुल में मौजूद लेमन मैगजीन के ऑफिस के बाहर विरोध जताते हुए खून के बदले खून के नारे लगाते रहे. वहीं कुछ लोगों ने मैगजीन के ऑफिस पर पथराव भी किया. हालांकि पुलिस ने इस मामले में कार्टून बनाने वाले कार्टूनिस्ट डोगन पहलवान को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा लेमन के चीफ एडिटर, मैनेजिंग एडिटर और ग्राफिक डिजाइनर को गिरफ्तार कर लिया है.
इसका एक वीडियो भी शेयर किया गया है. जिसमें कार्टूनिस्ट (डोगन पहलवान) को हथकड़ी लगाकर ले जाया जा रहा है.
Emniyet güçlerimiz tarafından, Peygamber Efendimizi (S.A.V.) çizme hadsizliğini yapan derginin Müessese Müdürü A. Y. adlı şahıs da yakalanarak gözaltına alındı. pic.twitter.com/JR2IraE11U
— Ali Yerlikaya (@AliYerlikaya) June 30, 2025
मैगजीन के संपादक ने मांगी माफी
वहीं विवाद बढ़ता देख लेमन मैगजीन ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर माफी मांगी है. मैगजीन के एडिटर टुनके अकगुन ने साफ किया कि यह कार्टून पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर नहीं है. इसमें इजरायली हमले में अपनी जान गंवाये एक मुस्लिम व्यक्ति को दिखाया गया है. जिसका काल्पनिक नाम मोहम्मत रखा गया था.
“Peygamberimiz için can verir, can alırız kimse Peygamberimize hakaret edemez. Bu topraklarda kimseye Peygamber Eendimiz’e hakaret ettirmeyiz.”#lemandergisikapatılsın
— Odak TV (@OdakTV1) June 30, 2025
अकगुन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूरी दुनिया में 200 मिलियन से ज्यादा मोहम्मद नाम के व्यक्ति हैं. उनका कार्टून छापने का मकसद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कतई नहीं था. लोग जानबूझकर कार्टून का गलत मतलब निकाल रहे हैं.
सरकार ने क्या कहा?
कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान मामले में तुर्किये की सरकार काफी खफा दिखाई दे रही है. तुर्किये के गृहमंत्री अली येरलिकाया ने बयान जारी कर कहा कि तुर्किये में प्रेस की स्वतंत्रता है. लेकिन इसका ये अर्थ बिल्कुल नहीं है कि धार्मिक भावनाओं का अपमान किया जाए. लेमन मैगजीन का ये कार्टून धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के लिए छापा गया है.
वहीं तुर्किये के न्याय मंत्री यिलमाज टुंक ने कहा कि इस तरह से कार्टून धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द का अपमान करते हैं. उन्होंने कहा कि ये हरकत हम मुसलमानों के धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाती हैं. जो भी लोग कानून तोड़ेंगे उनको कानून के सामने जवाब देना होगा.
चार्ली हेब्दो की आ गई याद!
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर लोगों को चार्ली हेब्दो की घटना याद आ गई. जब 2015 में पैगंबर मुहम्मद के कार्टून को लेकर पेरिस स्थित चार्ली हेब्दो के ऑफिस में आतंकी हमला किया गया. इस हमले में संपादक समेत 12 लोगों की मौत हो गई. वहीं कई लोग घायल भी हो गए.
अपने तीखे कार्टूनों के लिए जाना जाता है चार्ली हेब्दो
चार्ली हेब्दो हमेशा से अपने विवादास्पद और कटाक्ष भरे राजनीतिक और धार्मिक कार्टूनों के लिए जाना जाता रहा है. इस मैगजीन ने पैगंबर मुहम्मद को लेकर कई बार कार्टून छापे थे. जिसका दुनिया भर के मुसलमानों ने विरोध किया और इस्लाम का अपमान बताया. इसका बदला लेने के लिए आतंकियों ने चार्ली हेब्दो के ऑफिस पर हमला किया.
बता दें कि रेचप तैयब एर्दोआन के शासन में तुर्किये में धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं. हागिया सोफिया को मस्जिद में तब्दील करना इसी का अहम हिस्सा है.
– भारत एक्सप्रेस
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