Trump Meets Erdogan Nuclear Deal: संयुक्त राष्ट्र महासंघ की बैठक के लिए दुनिया भर के नेता न्यूयॉर्क पहुंचे हैं. ऐसे में कई देशों के नेता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन पिछले 24 घंटे भारत की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहे. क्योंकि इस दौरान भारत के दो दुश्मन देशों के नेताओं ने ट्रंप से मुलाकात की है.
गुरुवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयब एर्दोगान और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ओवल ऑफिस में ट्रंप से मुलाकात की है. जिसके बाद से वैश्विक राजनीति में ये चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि क्या इन मुलाकातों के जरिये डोनाल्ड ट्रंप भारत को कोई मैसेज देना चाह रहे हैं. आखिर तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के ट्रंप से मिलने के क्या मायने हैं?
तुर्की के साथ अमेरिका की बैठक में जहां सिविल न्यूक्लियर डील पर समझौता हुआ. तो वहीं शहबाज शरीफ और मुनीर के साथ बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों को ‘ग्रेट गॉय’ कहा. दोनों देश भारत के दुश्मन हैं. ऐसे में दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति के साथ उनके समझौते भारत के लिए चिंता का कारण बन सकता है.

तुर्की के साथ न्यूक्लियर डील क्यों?
गुरुवार को तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इसके बाद दोनों देशों के नेताओं ने ओवल ऑफिस में बैठक की. इस संबंध में तुर्की के ऊर्जा मंत्री अलपर्सलान बायरकटर ने बताया कि अमेरिका और तुर्की ने स्ट्रेटजिक सिविल न्यूक्लियर डील पर साइन किये हैं.
अमेरिका के साथ सिविल न्यूक्लियर डील साइन होने को तुर्की एक बड़ी जीत मान रहा है. क्योंकि बाइडन प्रशासन ने तुर्की को इतनी तरजीह नहीं दी थी.
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति से रूस से तेल नहीं खरीदने का आग्रह किया है. ट्रंप ने एर्दोगान से कहा है कि F-35 प्रोग्राम में तुर्की को शामिल किया जाए या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि वो हमारे लिए क्या कुछ करने जा रहे हैं.
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शहबाज और मुनीर को बताया ग्रेट लीडर
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ही व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने दोनों को ग्रेट लीडर और ग्रेट गॉय कहा. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने आसिम मुनीर को लंच पर व्हाइट हाउस बुलाया था. इस दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद थे.

क्या भारत के लिए खतरा है यह मुलाकात?
वैश्विक राजनीति पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि दुनिया के सबसे ताकतवर नेता के साथ भारत के दो दुश्मन देशों का मिलना चिंता की बात तो है, लेकिन इसमें प्रत्यक्ष तौर पर कोई ऐसी बात नहीं हुई है जिसपर भारत को चिंतित होना चाहिये.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर के मुद्दे को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को कोई दिलचस्पी नहीं है. बता दें कि, पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को दुनिया के हर मंच पर उठाता है और हस्तक्षेप करने की मांग करता है. वहीं भारत का कहना है कि कश्मीर के मुद्दे पर वो किसी भी तीसरे देश का हस्तक्षेप नहीं मानेगा.
– भारत एक्सप्रेस
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