Russia oil waiver: अमेरिका की राजनीति में रूस और तेल नीति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से अपील की है कि रूस को दिए गए तेल वेवर को तुरंत वापस लिया जाए. उनका कहना है कि इस फैसले से सीधे तौर पर व्लादिमीर पुतिन को आर्थिक फायदा मिल रहा है, जबकि दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है.
ट्रेजरी सेक्रेटरी को लिखा पत्र
13 वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को पत्र लिखकर रूस पर फिर से तेल प्रतिबंध लगाने की मांग की है. इस पत्र का नेतृत्व सीनेटर माइकल बेनेट ने किया, जबकि एडम शिफ, एलिजाबेथ वॉरेन, एलेक्स पैडिला, टैमी बाल्डविन, रिचर्ड ब्लूमेंथल, जेफ मर्कले और राफेल वार्नॉक समेत अन्य नेताओं ने भी हस्ताक्षर किए.
वेवर पर उठे सवाल
सीनेटरों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हाल ही में एक सामान्य लाइसेंस जारी कर रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों को रोक दिया. उनका कहना है कि इससे रूस और उसके सहयोगियों को ऊर्जा कीमतों से भारी मुनाफा हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पर लगाम नहीं लगी तो पुतिन की युद्ध मशीन और मजबूत होगी.
ईरान संघर्ष का असर नजरअंदाज
पत्र में यह भी कहा गया कि प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे तनाव का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले असर का सही आकलन नहीं किया. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाली तेल और गैस आपूर्ति पर संभावित खतरे को नजरअंदाज किया गया, जबकि दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा इसी रास्ते से आती है.
बढ़ती कीमतों से रूस को फायदा
सीनेटरों का दावा है कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें औसतन 85 सेंट प्रति गैलन बढ़ गई हैं. वहीं रूस की तेल आय अप्रैल में दोगुनी हो गई है. उनका कहना है कि मार्च में लिए गए फैसले से, जिसमें समुद्र में मौजूद रूसी तेल कार्गो पर अस्थायी छूट दी गई थी, मॉस्को पर दबाव कम हुआ लेकिन अमेरिकी उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली.
नीति में असंगति का आरोप
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले कहा था कि छूट आगे नहीं बढ़ाई जाएगी, लेकिन बाद में चुपचाप इसे 30 दिन और बढ़ा दिया गया. इससे नीति में असंगति और भ्रम पैदा हुआ.
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नाटो सहयोगियों पर खतरे की चेतावनी
सीनेटरों ने चेतावनी दी कि अगर रूस के तेल नेटवर्क और उसकी शैडो फ्लीट पर दबाव कम किया गया तो मॉस्को और आक्रामक हो सकता है. उन्होंने कहा कि इससे न केवल यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अमेरिका के नाटो सहयोगियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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