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कुवैत में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट क्रैश: ईरानी ड्रोन से हमले का दावा, पायलट ने कूदकर बचाई जान

कुवैत के ऊपर उड़ान के दौरान अमेरिकी वायुसेना का F-15E Strike Eagle जेट क्रैश हो गया, पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गया. सोशल मीडिया पर ईरानी ड्रोन हमले का दावा, लेकिन CENTCOM या पेंटागन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की…

Iran attack news: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुआ टकराव अब तेजी से बड़े युद्ध में बदलता दिख रहा है. इस बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है. दरअसल अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट कुवैत के ऊपर उड़ान के दौरान क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट (कूदकर) अपनी जान बचा ली और सुरक्षित नीचे उतर आया. रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि विमान सैन्य ऑपरेशन के दौरान गिरा, हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या किसी हमले की वजह से.

ईरानी ड्रोन हमले का दावा(Iran Drone Attack)

कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में दावा किया जा रहा है कि यह हादसा ईरान के शाहेद-136 या इसी तरह के ड्रोन हमले की वजह से हुआ. ईरान ने हाल ही में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज किए हैं. कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे (जैसे अली अल-सलिम एयर बेस) भी इस संघर्ष में रणनीतिक महत्व रखते हैं. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) या पेंटागन की ओर से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि क्रैश ड्रोन हमले से हुआ या तकनीकी खराबी/पायलट त्रुटि से.

ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव का नया मोड़

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं. खामेनेई की मौत के बाद ईरान की ओर से ‘फतह-ए-खैबर’ ऑपरेशन के तहत कई हमले हो चुके हैं. कुवैत में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर ईरान पहले से ही नाराज है. अगर यह क्रैश ड्रोन हमले से साबित हुआ तो यह खाड़ी क्षेत्र में युद्ध को नया मोड़ दे सकता है.

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कैसे और कब हुआ हमला?

हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान ने इजरायल के हमलों का जवाब ‘फतह-ए-खैबर’ ऑपरेशन के तहत शुरू किया है. ईरान ने इजरायल पर 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और बहरीन-कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया है. इस बीच समुद्री रास्तों पर तस्करी और हमलों का खतरा बढ़ गया है. ओमान हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभा चुका है, इसलिए इस घटना को भी क्षेत्रीय तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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