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अमेरिका-इजरायल के हमलों से ईरान में हजारों इमारतें तबाह, लाखों लोग अंधेरे में; अब खुलकर मदद करने आया चीन

पश्चिम एशिया में सैन्‍य संघर्ष 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े हमले किए. ईरान ने जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंका से दुनिया में तेल की कीमतें प्रभावित हो रही हैं.

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ईरान में अमेरिका-इज़राइल हमलों से 1350+ मौतें, 24,531 इमारतें तबाह

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्‍य टकराव के बीच ईरान को भारी नुकसान हो रहा है. अमेरिका और इज़राइल के हमलों से हजारों ईरानी सैन्य ढांचे तबाह हुए हैं और अब तक 1350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच एशिया के सबसे बड़े देश चीन ने ईरान के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है.

चीन कर रहा ईरान में मानवीय मदद

चीन ने ईरान को 2 लाख डॉलर (लगभग 1 करोड़ 66 लाख रुपये) की मदद देने का ऐलान किया है. यह रकम जंग में मारे गए छात्रों के माता-पिता को सहायता के लिए दी जाएगी. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि आम लोगों पर हमले गलत हैं और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है. यह मदद चाइनीज रेड क्रॉस सोसाइटी के जरिए ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को भेजी जाएगी.

ईरान में इमारतों का भारी नुकसान

ईरान की सरकारी एजेंसी इरना और रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इज़राइल के हमलों से अब तक करीब 24,531 इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. इनमें से लगभग 19,775 घर शामिल हैं. 4,511 दुकानें और कारोबारी इमारतें भी तबाह हुई हैं. 69 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है और 195 शिक्षक व छात्र घायल हुए हैं. इसके अलावा 16 रेड क्रिसेंट सेंटर, 21 रेस्क्यू वाहन और 19 एम्बुलेंस डैमेज हो चुकी हैं.

चीन ने अमेरिकी लोकेशन ट्रैक कीं

एक ओर चीन ने ईरान को मानवीय मदद मुहैया कराई है, वहीं उससे पहले उसने सैन्‍य टकराव के दौरान भी ईरान को मदद पहुंचाई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को ईरान पर पहली मिसाइल दागे जाने से पहले ही चीनी सोशल मीडिया पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों की सैटेलाइट तस्वीरें वायरल हो गई थीं. इन तस्वीरों में रनवे पर लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर ट्रांसपोर्ट प्लेन और भूमध्य सागर में विमानवाहक पोत दिख रहे थे. खास बात यह थी कि ये तस्वीरें चीनी भाषा (मंदारिन) में थीं और उनमें विमानों के नाम, मिसाइल रक्षा सिस्टम की लोकेशन और सैनिकों की तैनाती की सटीक जानकारी दी गई थी. बताया जा रहा है कि चीनी कंपनी मिज़ारविज़न जैसी संस्थाओं ने ये इमेज शेयर कीं, जिससे अमेरिकी योजनाओं पर असर पड़ा.

होर्मुज स्ट्रेट: तेल आपूर्ति का रास्ता

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यहां मैप में होर्मुज स्ट्रेट दिखाया गया है, जो फारस की खाड़ी से तेल टैंकरों का मुख्य मार्ग है. ईरान का दावा है कि ये इलाका अब उसके कंट्रोल में है. ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से तेल तेल गुजरते शिप पर हमले किए गए हैं, इससे दुनिया में हड़कंप मच गया है. ईरान का बयान आया है कि हमारी परमिशन के बिना यहां से कोई नहीं गुजरेगा.

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