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भारत-अमेरिका के बीच दूसरी iCET बैठक दिल्ली में संपन्न हुई, आपसी सहयोग बढ़ाएंगे दोनों देश, जॉइंट फैक्टशीट रिलीज

India US Relations: अमेरिकी NSA जेक सुलिवन भारत दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ के बाद किसी अमेरिकी अधिकारी का यह पहला भारत दौरा है. दिल्ली में बैठकों के बाद संयुक्त बयान जारी किया गया.

US NSA Jake Sullivan Visit to India

फोटो— अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) भारतीय NSA अजीत डोभाल के साथ।

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

US NSA Jake Sullivan India Visit: दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन आज (17 जून) भारत यात्रा पर आए. यहां उनकी भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों संग विशेष बैठक हुई. दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने राजधानी नई दिल्ली में महत्वपूर्ण और उभरती हुई प्रौद्योगिकी (iCET) पर इंडिया-अमेरिका इनिशिएटिव की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की.

नई दिल्ली में दोनों देशों की वार्ता के उपरांत अमेरिकी सत्ता के केंद्र ‘व्हाइट हाउस’ की ओर से जॉइंट फैक्टशीट जारी की गई. जिसमें कहा गया कि जनवरी 2023 में iCET के लॉन्च होने के बाद से, भारत और अमेरिका ने अंतरिक्ष, अर्धचालक, उन्नत दूरसंचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम, जैव प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा सहित प्रमुख प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को गहरा करने और विस्तारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है.

व्हाइट हाउस की जॉइंट फैक्टशीट जारी

जॉइंट फैक्टशीट में ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा, “हमारा काम यह सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता पर भी टिका हुआ है कि प्रौद्योगिकी को हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वभौमिक मानवाधिकारों के सम्मान के अनुरूप तरीके से डिजाइन, विकसित और तैनात किया जाए, साथ ही यह मान्यता भी है कि इंडो-पैसिफिक की भविष्य की सुरक्षा और समृद्धि भारत-अमेरिका साझेदारी की ताकत पर निर्भर करेगी.”

US NSA Jake Sullivan India Visit

2023 के बाद आज iCET की दूसरी मीटिंग हुई

संयुक्त बयान में आगे कहा, “आज दूसरी iCET मीटिंग के दौरान, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुलिवन ने रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी के अगले अध्याय के लिए दृष्टिकोण निर्धारित किया. उन्होंने जॉइंट प्रोडक्शन, सह-विकास, अनुसंधान (आरएंडडी) के अवसरों पर अपने प्रयासों को केंद्रित करके प्राथमिकता वाले महत्वपूर्ण और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सफलता की उपलब्धियों के इर्द-गिर्द आपसी सहयोग को उन्मुख करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हम नवाचार के अग्रणी किनारे पर रहें और भारतीय और अमेरिकी लोगों और दुनिया भर में हमारे भागीदारों के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और लागत-प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ समन्वय बढ़ाएँ. इस दिशा में, उन्होंने मार्च में सियोल में आयोजित भारत-अमेरिका-साउथ कोरिया की त्रिपक्षीय प्रौद्योगिकी वार्ता की बैठक का स्वागत किया, साथ ही क्वाड के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ चल रहे सहयोग का भी स्वागत किया.”

टेक्नोलॉजी-टूलकिट प्रोटेक्शन पर भी बातें हुईं

संयुक्त बयान में कहा गया, “भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुलिवन ने टेक्नोलॉजी प्रोटेक्शन टूलकिट को अनुकूलित करने के महत्वपूर्ण महत्व को रेखांकित किया और देशों को संवेदनशील और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के रिसाव को रोकने का संकल्प लिया. उन्होंने वाणिज्यिक और नागरिक अंतरिक्ष क्षेत्र सहित द्विपक्षीय रणनीतिक व्यापार, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आने वाले महीनों में ठोस कार्रवाई करने की भी प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने सामरिक व्यापार वार्ता के तहत निरंतर प्रगति का उल्लेख किया, जो पिछले जून में वाशिंगटन—डीसी में आयोजित की गई थी, साथ ही इन उपायों का समर्थन करने के लिए दिसंबर 2023 में हमारे उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों द्वारा दिल्ली में आयोजित एक iCET इंटरसेशनल रिव्यू मीटिंग के माध्यम से भी, उन्होंने प्रौद्योगिकी सहयोग में लंबित बाधाओं को दूर करने के लिए, विशेष रूप से सामरिक व्यापार वार्ता के तहत, निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया.”

निजी क्षेत्र के निवेश और साझेदारी को बढ़ावा

iCET बैठक के अलावा भारत और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने एक और वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के सीईओ और विचारक एक साथ नजर आए. ये इसलिए हुई क्योंकि भारत और अमेरिका रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के निवेश और साझेदारी को बढ़ावा दे रहे हैं. आज की मुलाकात के दौरान दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने अपनी सरकारों, उद्योग और शिक्षा जगत में बेहतर सहयोग को समर्थन देने का संकल्प लिया, जिसमें कई क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया.

स्पेस प्रोग्राम में एक-दूजे का करेंगे सहयोग

iCET बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष यात्रियों के बीच पहली बार संयुक्त प्रयास के लिए एक व्हीलर को सुरक्षित करने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जो भारत-अमेरिका अंतरिक्ष साझेदारी और अंतरिक्ष अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, उन्होंने अंतरिक्ष में अंतर-संचालन को गहरा करने के लिए अंतरिक्ष में उड़ान के लिए रणनीतिक रूपरेखा को पूरा कर लिया है और वे नासा जॉनसन स्पेस सेंटर में इसरो अंतरिक्ष यात्रियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

— भारत एक्सप्रेस



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