विदेश मंत्री एस. जयशंकर (फाइल फोटो)
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहली बार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने अमेरिका की एजेंसी यूएसएआईडी (USAID) द्वारा भारत में मतदाता टर्नआउट बढ़ाने के लिए 21 मिलियन डॉलर की फंडिंग पर सवाल उठाया था.
क्या है मामला?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में तीन बार सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बात की और दावा किया कि बाइडेन प्रशासन भारत में “किसी और” को चुनाव जिताने की कोशिश कर रहा था. ट्रंप ने कहा, “हम भारत में मतदाता टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर क्यों खर्च कर रहे हैं? मुझे भी अपने देश में मतदाता टर्नआउट चाहिए.”
#WATCH | Delhi: On USAID, EAM S Jaishankar says, “…Some information has been put out there by the Trump administration people, and obviously, that is concerning… I think, as a government, we’re looking into it. My sense is that the facts will come out…USAID was allowed here… pic.twitter.com/UZT5aimfXX
— ANI (@ANI) February 22, 2025
एस. जयशंकर की प्रतिक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव में बोलते हुए एस. जयशंकर ने इस विवाद को ‘चिंताजनक’ बताया और कहा कि अगर इन आरोपों में सच्चाई है, तो देश को यह जानने का हक है कि इसमें कौन लोग शामिल हैं.
उन्होंने कहा, “कुछ जानकारी अमेरिका से सामने आई है और यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है. हमारी सरकार इस मामले की जांच कर रही है. मेरा मानना है कि सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी. यूएसएआईडी को भारत में अच्छी नीयत से काम करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब अमेरिका में यह कहा जा रहा है कि कुछ गतिविधियाँ गलत नीयत से की जा रही थीं. यह एक गंभीर मामला है, और अगर इसमें कुछ सच्चाई है, तो देश को यह जानने का अधिकार है कि इसमें कौन लोग शामिल हैं.”
ट्रंप और मोदी की मुलाकात
विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने का संकेत देती है.
जयशंकर ने कहा, “प्रधानमंत्री अमेरिका और वाशिंगटन में थे. वह राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनसे मिलने वाले सबसे पहले विश्व नेताओं में से एक थे. मैं वर्षों से कूटनीतिक कार्य कर रहा हूं, इसलिए मेरे पास इस तरह की मुलाकातों का अनुभव और संदर्भ बिंदु हैं. पूरी वस्तुनिष्ठता के साथ कह सकता हूँ कि यह मुलाकात कई कारणों से बेहद सफल रही.”
सरकार कर रही है जांच
जयशंकर के बयान से स्पष्ट है कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी गहराई से जांच की जाएगी. अगर ट्रंप के आरोपों में कोई सच्चाई पाई जाती है, तो इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
यह मामला भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, और आने वाले दिनों में इस पर और भी चर्चाएं होने की संभावना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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