पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ की वार्ता.
Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत तक भारत का दौरा करने वाले हैं, जो 2021 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी. यह दौरा ऐसे समय में होगा, जब अमेरिका (USA) ने रूस (Russia) से तेल आयात (Crude Oil Imports) को लेकर भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की हालिया मॉस्को यात्रा ने इस दौरे की पृष्ठभूमि तैयार की है.
ऐतिहासिक और रणनीतिक साझेदारी
भारत और रूस के बीच राजनयिक संबंध दशकों पुराने हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं. दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बहुत बढ़ाया है. वर्ष 2024 में भारत-रूस का द्विपक्षीय व्यापार भी रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा, जिसमें रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया. भारत ने 2030 तक 100 बिलियन USD के व्यापारिक लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लिया है. हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित भारत-रूस कार्य समूह के 11वें सत्र में व्यापार, आर्थिक, और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य मंत्रालय और रूस के उद्योग मंत्रालय ने की.

यूक्रेन संघर्ष के बाद क्रूड ऑयल आयात
फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाया. पहले भारत के तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी मात्र 0.2% थी, जो अब बढ़कर 35-40% हो गई है. भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, ने रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आयात वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों के कारण आवश्यक था. हालांकि, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने इस पर आपत्ति जताई है, लेकिन भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता दी.
पीएम मोदी और डोभाल के रूस दौरे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8-9 जुलाई 2024 को मॉस्को का दौरा किया था, जहां उन्होंने पुतिन के साथ व्यापार, रक्षा, और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की. इस यात्रा के दौरान नौ समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, और भारत को रूस का सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ मिला. दूसरी ओर, NSA अजीत डोभाल 6 अगस्त 2025 को मॉस्को पहुंचे, जहां उन्होंने रक्षा और ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत की. उनकी यात्रा का उद्देश्य पुतिन के भारत दौरे की तैयारी और रूसी तेल आयात पर संभावित छूट पर चर्चा करना था.

अमेरिकी टैरिफ और भारत का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल आयात के लिए 25% टैरिफ और अतिरिक्त जुर्माना लगाया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया. भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका और यूरोप स्वयं रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा. भारत ने अमेरिका के दोहरे मापदंडों को उजागर करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ का रूस के साथ 2024 में 67.5 अरब यूरो का व्यापार हुआ, जो भारत के व्यापार से कहीं अधिक है.
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