PM Modi Visit Yad Vashem: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने इजरायल दौरे के दूसरे दिन ‘याद वाशेम’ संग्रहालय पहुंचे. जहां उन्होंने हिटलर के होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लाखों यहूदियों की याद में बनाए गए स्मारक पर श्रद्धांजलि दी. इस दौरान उनके साथ पीएम नेतन्याहू भी मौजूद रहे.
याद वाशेम के दौरे को लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी लिखा. जिसमें उन्होंने होलोकॉस्ट को मानवता के लिए काला अध्याय बताया. उन्होंने लिखा,
मैंने याद वाशेम, विश्व होलोकॉस्ट स्मृति केंद्र में पुष्पचक्र अर्पित किया. इस यात्रा के दौरान मेरे साथ रहने के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू का आभारी हूं.मैंने हॉल ऑफ नेम्स भी देखा, जो एक गंभीर स्थान है और होलोकॉस्ट के दौरान पीड़ा सहने और जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति को सुरक्षित रखता है.
पीएम मोदी ने होलोकॉस्ट को मानव इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि होलोकॉस्ट मानव इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक है। यह मानवता, गरिमा और शांति को बनाए रखने की आवश्यकता की हमेशा याद दिलाता है.
Laid a wreath at Yad Vashem, the World Holocaust Remembrance Center. Grateful to PM Netanyahu for accompanying me during this visit.
Also visited the Hall of Names, a solemn space that preserves the memory of those who suffered and perished during the Holocaust.
The Holocaust… pic.twitter.com/fU8PrM9ZJu
— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2026
क्या है याद वाशेम?
याद वाशेम का अर्थ होता है याद और नाम. यानी जिन्हें मिटाया गया उनको याद करना. जर्मनी के तानाशाह हिटलर के होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लगभग 60 लाख यहूदियों की याद में इजरायल ने यह स्मारक बनवाया है. यरुशलम में मौजूद याद वाशेम में हर साल लाखों लोग आते हैं और यूरोप के सबसे क्रूर शासक के द्वारा मचाए गए कत्लेआम का गवाह बनते हैं.
दूसरे विश्वयुद्ध में जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर के द्वारा यहूदियों के खिलाफ किये गए नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है. कहा जाता है कि हिटलर ने इस होलोकॉस्ट में लगभग 60 लाख यहूदियों को मौत के घाट उतार दिया था.

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इजरायल की स्थापना के बाद बना याद वाशेम
इजरायल की स्थापन के बाद इजरायल की संसद नेसेट ने होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लोगों की याद में एक स्मारक बनाने का प्रपोजल रखा. जिसके बाद यरूशलम में याद वाशेम की स्थापना की गई.
साल 20025 में याद वाशेम के अंदर होलोकॉस्ट के दौरान मचाई गई तबाही के सबूत रखे हुए हैं. जिसमें दस्तावेज, तस्वीरें सहित कई चीजें हैं. इस परिसर में होलोकॉस्ट संग्रहालय, हॉल ऑफ नेम्स (होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लोगों के नाम लिखे गए हैं) सहित कई जगहें हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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