UPI In Israel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर अभी इजरायल में हैं. आज उनकी इजरायल यात्रा का अंतिम दिन है. बुधवार को इजरायल पहुंचने पर पीएम मोदी का प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने प्रोटोकॉल तोड़कर स्वागत किया. गुरुवार को पीएम मोदी यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे. जहां उन्होंने हिटलर के द्वारा मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी.
पीएम मोदी के इजरायल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मामलों पर सहमति बनी. जिसमें रक्षा, कृषि, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं.
भारत-इजरायल के बीच इन मुद्दों पर हुए समझौते
अपने इजरायल दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी और नेतन्याहू ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने नई दिल्ली और यरूशलम के बीच हुए समझौते की जानकारी दी.

पीएम मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इजरायल की जनता का उनका भव्य स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने इजरायली संसद नेसेट द्वारा मिले सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया.
अब इजरायल में भी चलेगा UPI
दोनों देशों के बीच व्यापार और टेक्नोलॉजी पर बड़े समझौते हुए. अपने जॉइंट स्टेटमेंट के दौरान दोनों नेताओं ने बताया कि वो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं. जल्द ही भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी होगा. दोनों देश क्वांटम टेक्नोलॉजी, AI जैसे क्षेत्र में एक-दूसरे के सहयोग की भी बातें कही. इस समझौते में एक चीज उभर कर सामने आई और वो है UPI. अब इजरायल में भी UPI का इस्तेमाल हो सकता है. जिसको लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है.
Prime Minister Narendra Modi and I visited Jerusalem’s innovation event last night. 🇮🇱🇮🇳
Israel and India are deepening a partnership that brings together talent, technology and vision – for greater security, growth and prosperity.
Together, we’re building the future.… pic.twitter.com/ODcNopeD7v
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) February 26, 2026
कृषि के लिए इजरायल देगा तकनीक
भारत में अभी भी 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग कृषि पर निर्भर हैं. कृषि संबंधित उत्पादन बढ़ाने के लिए दोनों देश पहले से ही एक जॉइंट वेंचर पर काम कर रहे हैं, जो की काफी सफल रहा है. अब भारत में इजरायल के सहयोग से बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या को 100 तक बढ़ाई जाएगी. जिससे भारत के दूर-दराज के गांवों तक खेती की नई तकनीकें पहुंच सके. इसकी मदद से किसानों की आय और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.
रक्षा और ऊर्जा में सहयोग का वादा
भारत और इजरायल लंबे समय से रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में एक-दूसरे के मददगार रहे हैं. अब इस संबंध को एक लेवल और ऊपर बढ़ाया जाएगा. जिसमें जॉइंट डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे सहयोग भी शामिल हैं. भारत और इजरायल ने सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस सेक्टर में भी सहयोग का वादा किया है.
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युवाओं को रिसर्च से जोड़ा जाएगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत इस समय दुनिया का सबसे युवा देश है. विभिन्न कॉमर्स और सर्विस सेक्टर्स में काम कर रहे भारत के युवा फोर्स को और बढ़ाया जाएगा. युवाओं को रिसर्च से जोड़ने के लिए दोनों देशों ने इंडिया-इजरायल अकादमिक फोरम बनाने पर सहमति जताई है.
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने वैश्विक मुद्दों पर एक साथ रहने और साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया. इसके लिए IMEC कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट को और आगे बढ़ाने पर बातचीत की.
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
भारत और इजरायल हमेशा से आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का रुख रखते आए हैं. अब इजरायल से पीएम मोदी ने ऐलान किया है कि दुनिया में आतंकवाद नहीं रहना चाहिये. पश्चिम एशिया में शांति भारत के लिए फायदेमंद है. इसलिए भारत हमेशा से संवाद और संघर्षों का शांतिपूर्वक समाधान का समर्थन करता आया है.
-भारत एक्सप्रेस
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