यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी शांति समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे जो उनके बिना सहमति के किया जाए. यह बयान उन्होंने म्युनिख समिट में दिया, जिसमें अमेरिका के उप राष्ट्रपति भी मौजूद थे. जेलेंस्की ने यूरोप से अपनी सुरक्षा के लिए खुद की सेना बनाने की अपील भी की. उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करने के बाद आया है, जब पुतिन और ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के बारे में चर्चा की.
यूक्रेन की सेना काम के नहीं लिए पर्याप्त
जेलेंस्की ने कहा कि केवल यूक्रेन की सेना इस काम के लिए पर्याप्त नहीं है और यूरोपीय देशों को भी अपनी रक्षा के लिए मजबूत सैन्य निर्माण की आवश्यकता है. उनका यह भी कहना था कि यूक्रेन कभी भी पीठ पीछे किए गए समझौतों को स्वीकार नहीं करेगा, और यह नियम सभी यूरोपीय देशों पर भी लागू होना चाहिए.
ट्रंप को पुतिन मॉस्को समारोह में कर सकते हैं आमंत्रित
डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत के बाद, यूरोप और अमेरिका के सहयोगी देशों में चिंताएं बढ़ रही हैं, खासकर इस संभावना को लेकर कि आगामी बैठक में यूक्रेन युद्ध के समाप्ति पर चर्चा हो सकती है. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अमेरिका और यूरोप के साथ मिलकर एक साझा रणनीति बनाना चाहता है और इसे पुतिन-ट्रंप बैठक से पहले स्थापित करने की आवश्यकता है. उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि पुतिन, ट्रंप को 9 मई को मॉस्को में होने वाले समारोह में आमंत्रित कर सकते हैं, जिसमें रूस द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ की जीत का उत्सव मनाता है.
यूरोप के नेताओं को संबोधित करते हुए, जेलेंस्की ने संभावित खतरों और चुनौतियों के बारे में चेतावनी दी. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मॉस्को कोई “फॉल्स-फ्लैग” हमला करता है, तो क्या यूरोपीय सशस्त्र बल इसके लिए तैयार हैं? उनका कहना था कि जब हम युद्ध से जूझ रहे हैं और शांति और सुरक्षा की नींव रख रहे हैं, तो हमें यूरोप के सशस्त्र बलों का निर्माण करना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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