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बाबरी विध्वंस मुद्दे पर MVA में फूट: सपा नेता अबू आजमी ने कहा- हम गठबंधन से अलग हो रहे, शिवसेना UBT के साथ नहीं रहना

शिवसेना UBT के एमएलसी मिलिंद नार्वेकर ने हाल में ही बाबरी मस्जिद विध्वंस की सराहना की थी, जिसमें शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे (एमएलसी) और आदित्य ठाकरे की तस्वीरें शामिल थीं. ऐसा चित्र देखकर सपा नेता खफा हो गए.

abu azmi samajwadi party

बाबरी विध्वंस को लेकर महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन में फूट पड़ गई है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

कांग्रेस की अगुवाई वाले I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट पड़ने लगी है. आज सपा के नेता अबू आजमी ने महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) की विचारधारा से खफा होकर MVA (महा विकास अघाड़ी) से अलग होने का ऐलान कर दिया.

अबू आजमी ने यह भी कहा कि शिवसेना (UBT) और भाजपा में कोई फर्क नहीं है. हमें ऐसे दलों के साथ नहीं रहना.

बता दें कि एक दिन पहले ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अखबार में विज्ञापन देकर बाबरी मस्जिद ढहाने वालों को बधाई दी थी. ​​​​​​इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने इसे लेकर X पर पोस्ट भी किया था. यह पोस्‍ट देखकर MVA (महा विकास अघाड़ी) में शामिल शिवसेना (UBT) की सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) के लोग खफा हो गए.

‘हमें सांप्रदायिक विचारधारा का हिस्सा बनना गवारा नहीं’

सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “समाजवादी पार्टी को महाराष्ट्र में अकेले चलना गवारा है, लेकिन महा विकास अघाड़ी में रहते हुए शिवसेना यूबीटी की सांप्रदायिक विचारधारा का हिस्सा बनना हरगिज गवारा नहीं.”

उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि चुनावों या सीट बंटवारे की प्रक्रिया के दौरान एमवीए में बिल्कुल भी समन्वय नहीं था. उन्होंने हमें कभी बैठकों या संयुक्त रैलियों के लिए नहीं बुलाया. वे एक-दूसरे के मंचों को साझा करने से बचते थे और इसका नतीजा यह हुआ कि विधानसभा चुनावों में एमवीए की भारी हार हुई.

आजमी का शिवसेना UBT अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना

शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी की आंतरिक बैठक में ठाकरे ने कथित तौर पर अपने नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को राज्य में आगामी निकाय चुनावों से पहले एक बार फिर हिंदुत्व के एजेंडे को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया.

अबू आजमी ने कहा, “कल 6 दिसंबर को शिवसेना (यूबीटी) के एक नेता ने सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट किया, जिसमें बाबरी मस्जिद विध्वंस (1993) के लिए पार्टी को श्रेय देने का दावा किया गया. हम इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं. सपा धर्मनिरपेक्ष मूल्यों, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के पक्ष में है और इसलिए वह सांप्रदायिक दृष्टिकोण अपनाने वाली किसी भी पार्टी का साथ नहीं देगी.”

‘ये एकता, धर्मनिरपेक्षता और समुदायों के सम्मान के खिलाफ’

आजमी ने सख्त लहजे में कहा, “उन्हें यह समझना चाहिए कि इस तरह की पोस्ट से भावनाएं आहत होती हैं और ये एकता, धर्मनिरपेक्षता और सभी समुदायों के सम्मान के खिलाफ हैं. हम यहां सभी वर्गों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए हैं, लोगों को विभाजित करने के लिए नहीं.”



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