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क्या महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री बैन है? CM योगी ने दिया इस बात का जवाब, ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारे पर भी बोले

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में मुस्लिमों की एंट्री पर कहा कि जो भारतीयता और सनातन परंपरा का सम्मान करते हैं, वे आ सकते हैं, लेकिन किसी को कब्जा करने की भावना के साथ नहीं आना चाहिए.

CM Yogi

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Prayagraj Mahakumbh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ एक ऐसा धार्मिक आयोजन है, जहां जाति और पंथ की कोई दीवार नहीं होती है, लेकिन जो लोग भारत की सनातन परंपरा और भारतीयता का सम्मान करते हैं, यहां उन्हीं का स्वागत होगा.

किसे आने की अनुमति है, और किसे नहीं?

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए महाकुंभ में आता है, तो उसका स्वागत किया जाएगा. उन्होंने कहा, “जो भारतीयता का सम्मान करता है, वह यहां आ सकता है, लेकिन जो कोई कुत्सित मानसिकता के साथ यहां आएगा, उसकी भावनाओं को ठेस पहुँच सकती है. ऐसे लोग न आएं तो अच्छा है, लेकिन श्रद्धा से आने वाले सभी का स्वागत है.”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस आयोजन को अपने अधिकार का मुद्दा बनाकर, यह दावा करते हुए आए कि “यह भूमि हमारी है”, तो ऐसा व्यक्ति विरोध ही झेलेगा.

CM Yogi on Sambhal

“वसुधैव कुटुम्बकम” का प्रतीक महाकुंभ

सीएम योगी ने महाकुंभ को एक ऐसा आयोजन बताया, जिसमें भेदभाव की कोई जगह नहीं है. उनका कहना था कि महाकुंभ “वसुधैव कुटुम्बकम” का प्रतीक है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं और हर जाति और धर्म के लोग एक साथ आते हैं. इस आयोजन में जाति-पंथ से ऊपर उठकर एकता का प्रतीक देखने को मिलता है.

मॉरिशस के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा

सीएम योगी ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि कैसे मॉरिशस के प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में संगम में स्नान किया और भारतीय सनातन परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की. यह उदाहरण सीएम योगी ने भारतीयता के सम्मान के रूप में दिया.

Cm yogi Adityanath

बंटेंगे तो कटेंगे- इतिहास से सीखने की अपील

सीएम योगी आदित्यनाथ ने “बंटेंगे तो कटेंगे” के नारे पर भी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना था कि यह नारा हिंदू ध्रुवीकरण का प्रयास नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास से एक महत्वपूर्ण सबक है. योगी ने कहा कि इस नारे का उद्देश्य यह याद दिलाना है कि अगर देश बंटेगा तो नुकसान होगा, जैसा कि इतिहास में हुआ.

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक लोग भारतीय इतिहास और संस्कृति से सही तरीके से जुड़ेंगे, तब तक कोई भी बाहरी शक्ति भारत को कमजोर नहीं कर सकती. मुख्यमंत्री ने इस नारे को देश के गौरव को बनाए रखने के लिए उठाया एक कदम बताया.

CM Yogi

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की बात

सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि जिन्होंने संविधान का अपमान किया, वही अब संविधान की रक्षा की बातें करते हैं. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे संविधान को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, और इसके माध्यम से भारत की एकता और अखंडता को चुनौती दे रहे हैं.

वोटबैंक वालों से सावधान रहने की जरूरत

सीएम योगी ने कहा कि आजकल कुछ नेता भारत की संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों पर हमले कर रहे हैं. उन्होंने उदाहरण दिया कि कुछ लोग राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से भी दूर रहे, क्योंकि उनका उद्देश्य वोटबैंक की राजनीति करना था. सीएम ने ऐसे नेताओं से सावधान रहने की आवश्यकता जताई, जो समाज को बांटने की मानसिकता वाले हैं.

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