सांकेतिक तस्वीर.
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने सोमवार को घोषणा की है कि सरकार ने एयर कंडीशनर (AC) और लाइट-एमिटिंग डायोड (LED) सहित व्हाइट गुड्स के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना के लिए आवेदनों के तीसरे दौर में 24 कंपनियों से 3,516 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है.
इनमें से सरकार ने 2,299 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश के साथ 18 कंपनियों, 10 AC घटकों के निर्माता और आठ LED लाइट निर्माता, का चयन किया. वोल्टास, एमआईआरसी इलेक्ट्रॉनिक्स और ल्यूमैक्स इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां चयनित 18 कंपनियों में शामिल हैं.
6 कंपनियां करेंगी 1217 करोड़ का निवेश
इसके अतिरिक्त मौजूदा PLI लाभार्थियों सहित छह आवेदकों को उच्च निवेश श्रेणियों में अपग्रेड करने के लिए अनंतिम रूप से चुना गया है. इन छह कंपनियों ने 1,217 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है. हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया और ब्लू स्टार क्लाइमेटेक इन छह कंपनियों में शामिल हैं.
DPIIT ने कहा कि एक आवेदक ने अपना आवेदन वापस लेने और योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुना है. कुल मिलाकर, व्हाइट गुड्स के लिए पीएलआई योजना में भाग लेने वाली 84 कंपनियों से 10,478 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है, जिससे 1,72,663 करोड़ रुपये का उत्पादन होगा.
व्हाइट गुड्स (White Goods) के लिए पीएलआई योजना का उद्देश्य भारत में एसी और एलईडी लाइट उद्योगों के लिए एक पूर्ण घटक इकोसिस्टम बनाना है, जिससे देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत किया जा सके.
PLI पर कुल खर्च 6238 करोड़
अप्रैल 2021 में शुरू की गई यह योजना सात वर्षों में लागू की जा रही है, जो वित्तीय वर्ष 2028-29 में पूरी होगा. इस योजना का कुल खर्च 6,238 करोड़ रुपये है. पहले दौर के आवेदन 2021 में आमंत्रित किए गए थे, उसके बाद दूसरे दौर के आवेदन 2022 में आमंत्रित किए गए, क्योंकि प्रारंभिक आवंटित धन का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया था.
इस योजना के तहत आगे निवेश के लिए उद्योग की इच्छा के आधार पर आवेदनों का तीसरा दौर खोला गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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