नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के मामले में स्वतः संज्ञान लेने की सुप्रीम कोर्ट से मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने जस्टिस ए.एस ओका के समक्ष मेंशन किया. जिसपर कोर्ट ने वकील को सीजेआई के समक्ष जाने को कहा है. प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई है. इनमें से पांच लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई है.
इनमें एक पुरुष और चार महिलाएं शामिल है. मृतकों में 12 महिलाएं शामिल हैं, तो 4 बच्चों को भी जान चली गई. भगदड़ में मारे गए बच्चों की उम्र 7 साल से लेकर 15 साल तक की है. 18 मृतकों में से 9 की पहचान बिहार के रहने वाले हैं. बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के कई लोगों ने हादसे में अपनी जान गंवा दी है. जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए है. हादसा प्लेटफार्म नंबर 13, 14 और 15 के बीच हुआ.
प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें हुई लेट
महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पर शाम 4 बजे से भीड़ जुटने लगी थी. रात को करीब 8:30बजे प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें लेट हो गई, जिससे भीड़ बढ़ी. चश्मदीद के मुताबिक गाड़ी का प्लेटफार्म नंबर 14 से 16 नंबर बदला गया. जिसके चलते भगदड़ मच है. रेल मंत्रालय इस घटना की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई साजिश या फर्जी खबर फैलाई गई थी, जिसके कारण ऐसी घटना हुई.
हादसे से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है. भारतीय रेलवे की ओर से मृतकों केपरिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये के मुआवजे का एलान हुआ है. बता दें कि प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ शुरू हुआ है, जो 26 फरवरी तक चलेगा. महाकुंभ के चलते रेलवे की तरफ से कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक महाकुंभ को लेकर 300 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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