दिल्ली में नई भाजपा सरकार के गठन के कुछ घंटों बाद ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने गृह, वित्त, सामान्य प्रशासन, सेवाएं, राजस्व, महिला एवं बाल कल्याण, भूमि एवं भवन, जनसंपर्क, सतर्कता और प्रशासनिक सुधार विभाग अपने पास रखा है.
दिल्ली की नई सरकार में प्रवेश वर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. उन्हें शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (PWD), परिवहन, विधायी मामलों, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, जल और गुरुद्वारा चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है.
ये रहे अन्य मंत्रियों को सौंपे गए विभाग
नई कैबिनेट में अन्य मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं-
- आशीष सूद: गृह, बिजली, शहरी विकास, शिक्षा, उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग
- मनजिंदर सिंह सिरसा: उद्योग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण और प्लानिंग डिपार्टमेंट
- रविंद्र सिंह इंद्राज: समाज कल्याण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण, सहकारिता विभाग
- कपिल मिश्रा: कानून एवं न्याय, श्रम एवं रोजगार, विकास, कला एवं संस्कृति, भाषा और पर्यटन विभाग
- डॉ. पंकज कुमार सिंह: स्वास्थ्य, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
विधानसभा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर का निर्णय जल्द
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का स्पीकर और मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाए जाने की संभावना है. हालांकि, इस पर आधिकारिक निर्णय जल्द लिया जाएगा.
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर भाजपा का ध्यान
भाजपा ने मंत्रिमंडल के गठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा है. सिख समुदाय से मनजिंदर सिंह सिरसा को, जाट समुदाय से प्रवेश वर्मा को, पूर्वांचल से कपिल मिश्रा और पंकज सिंह को, दलित समुदाय से रविंद्र इंद्राज को और पंजाबी समुदाय से आशीष सूद को मंत्री बनाया गया है.
5 मंत्रियों पर आपराधिक केस, 2 अरबपति
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली कैबिनेट के 7 मंत्रियों में से 5 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. मंत्री आशीष सूद पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं. वहीं, कैबिनेट में 2 मंत्री अरबपति हैं.मनजिंदर सिंह सिरसा की संपत्ति 248.85 करोड़ रुपये है, जबकि सबसे कम संपत्ति कपिल मिश्रा के पास है, जिसकी कीमत 1.06 करोड़ रुपये है.
शैक्षणिक योग्यता और उम्र का विवरण
कैबिनेट में 6 मंत्री ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जबकि एक मंत्री ने केवल 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है. कैबिनेट में 5 मंत्री 41 से 50 वर्ष की उम्र के बीच हैं, जबकि 2 मंत्री 51 से 60 वर्ष की उम्र के बीच हैं. दिल्ली सरकार की कैबिनेट में केवल एक महिला मंत्री हैं.
दिल्ली की नई सरकार ने शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया, जिससे प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल सके. भाजपा ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखते हुए अपने मंत्रियों को नियुक्त किया है, जिससे दिल्ली में मजबूत और समावेशी शासन की उम्मीद की जा रही है.
- भारत एक्सप्रेस
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