Saket Gokhale
दिल्ली हाईकोर्ट ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी की अवमानना याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले को अंतिम मौका दिया. न्यायमूर्ति धम्रेश शर्मा ने गोखले को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. कोर्ट 18 अप्रैल को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
साथ ही कहा कि अगर गोखले जवाब दाखिल नहीं करते हैं तो उन्हें अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा जा सकता है. याचिकाकर्ता पुरी ने गत वर्ष के 1 जुलाई को पारित फैसले के क्रियान्वयन की मांग की है.
लक्ष्मी पुरी ने की अदालत के आदेश के क्रियान्वयन की मांग
लक्ष्मी पुरी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद गोखले ने अदालती उस आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें उन्हें सोशल मीडिया पर माफी मांगने एवं मानहानि के मुकदमे में 50 लाख रु पए का हर्जाना देने को कहा गया था. कोर्ट ने इसपर गोखले को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था. कोर्ट ने इसके अलावा गोखले से अपनी सभी संपत्तियों, संपदाओं और बैंक खातों का विवरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा था.
पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि था गोखले जुलाई के अंत तक माफीनामा प्रकाशित करने के निर्देश देने वाले फैसले का पालन करने में विफल रहे है. उस माफीनामे को छह महीने तक उनके हैंडल पर रखा जाना था. लेकिन गोखले ने आज तक कोई अपील दाखिल नहीं की है और न ही अदालती फैसले का पालन किया है.
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पुरी ने मानहानि का मुकदमा गोखले के ट्वीट से व्यथित होने पर दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने स्विट्जरलैंड में उनके खरीदी गई संपत्ति का जिक्र किया था. उसमें उनकी और उनके पति केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की संपत्ति के बारे में सवाल उठाए गए थे. ट्वीट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी टैग किया था और ईडी जांच की मांग की थी.
-भारत एक्सप्रेस
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