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शाहरुख खान को 10 करोड़ टैक्स केस में बड़ी राहत! ITAT ने आयकर विभाग का दावा किया खारिज

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) से बड़ी राहत मिली है। ITAT ने ‘रा.वन’ फिल्म से जुड़ी ₹10 करोड़ के टैक्स पुनर्मूल्यांकन के मामले में आयकर विभाग के आदेश को खारिज कर दिया.

Shah Rukh Khan

बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान (फाइल फोटो)

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) से बड़ी राहत मिली है. न्यायाधिकरण ने अभिनेता के खिलाफ जारी उस पुनर्मूल्यांकन आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उन पर फिल्म ‘रा.वन’ के लिए मिली राशि पर भारत में कर न चुकाने का आरोप लगाया गया था.

मामला क्या है?

यह मामला वित्तीय वर्ष 2012-13 से जुड़ा है, जब शाहरुख खान ने अपनी आयकर रिटर्न (ITR) में ₹83.42 करोड़ की आय दिखाई थी. हालांकि, आयकर विभाग को शक था कि अभिनेता ने अपनी वास्तविक आय को पूरी तरह से घोषित नहीं किया है, जिसके चलते इस मामले की दोबारा जांच की गई.

पहले भी आ चुका है ITAT का फैसला

इससे पहले 2017 में, ITAT ने शाहरुख खान को अपने दुबई स्थित विला से हुई आय को भी भारत में टैक्स रिटर्न में शामिल करने का निर्देश दिया था. हालांकि, खान ने यह तर्क दिया था कि भारत-UAE कर संधि के अनुसार दुबई में स्थित अचल संपत्ति से होने वाली आय पर टैक्स केवल UAE में लगाया जाएगा, इसलिए उन्होंने इसे भारत में कर योग्य नहीं माना.

कैसे हुआ विवाद?

शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट (जिसमें वह निदेशक हैं और 50% हिस्सेदारी रखते हैं) ने फिल्म ‘रा.वन’ के लिए अभिनेता को ₹10 करोड़ का भुगतान किया था. यह भुगतान एक यूके स्थित कंपनी Winford Production के माध्यम से किया गया था.

इस भुगतान की प्रक्रिया इस प्रकार थी..

  • Red Chillies Entertainment ने ₹10 करोड़ पर ₹1 करोड़ TDS काटकर यूके कंपनी को भुगतान किया.
  • यूके कंपनी ने ₹1.40 करोड़ को FEU (यूके टैक्स कटौती) के रूप में काट लिया और शाहरुख खान को ₹7.6 करोड़ का भुगतान किया.
  • शाहरुख खान ने इस आय को यूके में अर्जित आय के रूप में घोषित किया और वहां अतिरिक्त कर ₹2.70 करोड़ का भुगतान किया.

आकलन अधिकारी (AO) ने इसे भारत सरकार के लिए राजस्व हानि माना और कर चोरी का संदेह जताते हुए पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की.

ITAT ने क्यों किया पुनर्मूल्यांकन आदेश रद्द?

ITAT के न्यायाधीशों ने अपने फैसले में कहा कि..

  • कर अधिकारियों के पास कोई नया तथ्य या सबूत नहीं था, जो पहले के स्क्रूटनी मूल्यांकन (scrutiny assessment) के दौरान सामने नहीं आया था.
  • AO ने चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद 2019 में पुनर्मूल्यांकन के लिए नोटिस जारी किया, जो कर कानूनों के अनुरूप नहीं था.
  • शाहरुख खान ने अपने जवाब में पूरी तरह से कर अधिकारियों के दावों को गलत बताया और खारिज कर दिया.

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-भारत एक्सप्रेस



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