दिल्ली हाईकोर्ट से बलात्कार के आरोपी फिल्म निदेशक सनोज कुमार मिश्रा को झटका लगा है. कोर्ट सनोज मिश्रा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि ऐसे मामले में अग्रिम जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. आरोपी ने पीड़िता को नायिका बनाने के बहाने उसका यौन शोषण किया. अदालत ने कहा कि इस मामले में नायिका बनने की ख्वाहिश रखने वाली एक छोटे शहर की लड़की के साथ कई बार यौन शोषण किया गया.
ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देने से समाज में बहुत गलत संदेश जाएगा. उससे यह संदेश जाएगा कि कोई भी ऐसी लड़िकयों का शोषण करने के बाद जेब में हाथ डालकर कोई बेखौफ घूम सकता है. वैसे लड़की ने जमानत देने का विरोध नहीं किया था. लेकिन उसकी शिकायत में कई तारिखों व स्थानों का जिक्र करते हुए बलात्कार करने की बात कही गई है. अदालत ने कहा कि लड़की ने विरोध नहीं किया है तो भी आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है. उसने लड़की का अश्लील वीडियो और तस्वीरें खींची और धमकी दी कि अगर उसने सहयोग नहीं किया तो वह उन्हें सार्वजनिक कर देगा.
आत्महत्या करने की दी धमकी
इन परिस्थितियों में यह अदालत इस बात से संतुष्ट नहीं है कि लड़की की जमानत के लिए विरोध नहीं किया जाना उसकी सहमति है. अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि याचिकाकर्ता टिक टॉक और इंस्टाग्राम के माध्यम से झांसी में रहने वाली लड़की के संपर्क में आया. आरोपी झांसी पहुच गया और लड़की के नहीं मिलने की बात कहने पर आत्महत्या की धमकी दी. लड़की इससे डर गई तो उससे मिली और वह उसे एक रिसॉर्ट में ले गया. खाना खाने के बाद उसे चक्कर आने लगा और आधी रात को होश में आने पर उसने खुद को नग्न पाया.
याचिकाकर्ता ने उससे कहा कि उसने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो खींचे हैं. उसे वह आपत्ति होने पर सार्वजनिक कर देगा. इसके बाद उसने लड़की को कई जगह बुलाकर बलात्कार किया. उसका तीन बार गर्भपात भी करवाया और फिर उसे छोड़ दिया. लड़की ने यह भी कहा था कि उसने कई लड़कियों का इसी तरह शोषण किया है और उसे जान से मारने की धमकी दी.
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-भारत एक्सप्रेस
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