छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल घोटाले में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जेल में बंद कई वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारियों की नियमित जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा. याचिका दायर करने वालों में पूर्व IAS अधिकारी रानू साहू, सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई, सूर्यकांत तिवारी समेत कुल 12 आरोपी शामिल हैं. इससे पहले सभी को अंतरिम जमानत दी जा चुकी है.
ED का सारा बोझ ASG SV राजू पर क्यों?
मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू के जूनियर ने कोर्ट से सुनवाई टालने की मांग की. इस पर जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, “ईडी का सारा बोझ एएसजी राजू पर है, यह मामला किसी और एएसजी को भी सौंपा जा सकता था.”
अंतरिम जमानत की शर्तें और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
कोर्ट ने पहले अंतरिम जमानत देते हुए यह स्पष्ट किया था कि यदि आरोपी गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ या जांच को बाधित करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तत्काल रद्द की जा सकती है. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जमानत के बाद भी सभी आरोपी उचित आचरण बनाए रखें और अदालत के आदेशों का पालन करें.
500 करोड़ की वसूली, नियमों में हुआ था बदलाव
छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले में 500 करोड़ रुपये की अवैध उगाही को लेकर ACB ने जांच शुरू की थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. आरोप है कि कोयला परिवहन लेवी के नियमों में बदलाव कर गैरकानूनी वसूली की गई और उससे चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं, जिनमें कई बेनामी संपत्तियां भी शामिल हैं. सौम्या चौरसिया पर 29 संपत्तियों का आरोप ईओडब्ल्यू (EOW) ने पुष्टि की है कि सौम्या चौरसिया और उनके परिवार के नाम पर 9.20 करोड़ रुपये की 29 अचल संपत्तियां हैं.
रानू साहू की संपत्ति और वेतन में विसंगति
रानू साहू ने 2015 से 2022 के बीच लगभग 4 करोड़ की संपत्तियां खरीदीं, जबकि उनका कुल वेतन 92 लाख रुपये बताया गया है. IAS समीर विश्नोई के पास 2010 से 2022 तक 93 लाख रुपये का वेतन था, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति गोधरा के नाम पर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खरीदी, जो उनके वेतन से 500 गुना अधिक है.
ED की व्यापक जांच: कोयला और शराब घोटाले की परतें खुलीं
केंद्रीय जांच एजेंसी ED राज्य में कोयला खनन और शराब घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग के तहत नेताओं, अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों की जांच कर रही है. इस घोटाले में सुनियोजित अवैध वसूली और वित्तीय हेराफेरी की बात सामने आई है.
-भारत एक्सप्रेस
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