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पहलगाम हमले के बाद भारत पर साइबर हमलों की बाढ़, अब तक दर्ज हुए 10 लाख से अधिक मामले

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत पर साइबर हमलों की बाढ़ आ गई है. ‘इकोज़ ऑफ़ पहलगाम’ रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 10 लाख से अधिक साइबर अटैक भारत की डिजिटल और राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं.

Pahalgam Attack Cyber War

Pahalgam attack cyber war: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत अब एक नए और खतरनाक मोर्चे पर जूझ रहा है, जिसे “साइबर वॉरफेयर” कहा जा रहा है। महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा तैयार की गई एक अहम रिपोर्ट ‘इकोज़ ऑफ़ पहलगाम’ के अनुसार, 23 अप्रैल 2025 के बाद से भारत पर लगभग 10 लाख साइबर हमले हो चुके हैं.

डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा भी निशाने पर

महाराष्ट्र साइबर सेल के प्रमुख यशस्वी यादव के अनुसार, यह सिर्फ सामान्य साइबर अटैक नहीं हैं बल्कि यह एक सुनियोजित साइबर युद्ध है जिसका उद्देश्य भारत की डिजिटल और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करना है.

हमलों की अंतरराष्ट्रीय जड़ें

रिपोर्ट में बताया गया है कि ये साइबर हमले मुख्य रूप से पाकिस्तान, मध्य पूर्व, मोरक्को और इंडोनेशिया से संचालित हो रहे हैं. इन हमलों में शामिल संगठनों में खुद को इस्लामिक समूह कहने वाले साइबर ग्रुप्स सक्रिय हैं. सबसे प्रमुख नाम पाकिस्तानी ग्रुप ‘टीम इंसान पीके’ का है, जो एक एडवांस्ड परसिस्टेंट थ्रेट (APT) ग्रुप है. इस ग्रुप ने आर्मी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सैनिक वेलफेयर और आर्मी पब्लिक स्कूलों की वेबसाइट्स को निशाना बनाया.

साइबर हमलों की तकनीकें

हमलों में जिन तकनीकों का उपयोग किया गया है, उनमें शामिल हैं:

वेबसाइट डिफेसमेंट
कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) का एक्सप्लॉइटेशन
कमांड एंड कंट्रोल (C2) अटैक्स
साथ ही बांग्लादेश का एमटीबीडी और इंडोनेशिया का इंडो हेक्स सेक जैसे ग्रुप भी भारत के टेलीकॉम डेटा और स्थानीय प्रशासनिक पैनल्स को टारगेट कर रहे हैं.

डार्क वेब पर भारतीय डेटा लीक

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डार्क वेब पर भारत के टेलीकॉम सेक्टर का टेराबाइट डेटा लीक हो चुका है, जो देश की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. महाराष्ट्र साइबर सेल ने कुछ हमलों को रोका जरूर है, लेकिन रिपोर्ट कहती है कि रेलवे, बैंकिंग और सरकारी पोर्टल्स जैसी क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी खतरे में हैं.

सुरक्षा उपायों पर दिया जा रहा जोर

यशस्वी यादव ने बताया कि कई सरकारी और निजी संस्थानों की साइबर सुरक्षा बेहद कमजोर है. उन्होंने सभी एजेंसियों से आग्रह किया है कि वे अपनी सुरक्षा को मज़बूत करें और Red Team Assessment DDoS Failover Test System Audits को अनिवार्य करें.

साइबर वॉर: आधुनिक युद्ध का नया चेहरा

‘इकोज ऑफ़ पहलगाम’ रिपोर्ट को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर युद्ध अब पारंपरिक हमलों जितना ही खतरनाक हो चुका है और इसे लेकर तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है.

-भारत एक्सप्रेस 



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